जल्‍द चेहरा ही होगा आपका बोर्डिंग कार्ड, हैदराबाद एयरपोर्ट पर शुरू हुआ FR ट्रायल

नई दिल्‍ली: एयरपोर्ट पर दाखिल होने के लिए न ही आपको यात्रा टिकट और पहचान पत्र दिखाने की जरूरत होगी और न ही हवाई यात्रा के लिए बोर्डिंग कार्ड की जरूरत. जल्‍द आपका चेहरा ही एयर टिकट और बोर्डिंग कार्ड की जगह ले लेगा. जी हां, डिजी यात्रा योजना के अंतर्गत इस स्‍कीम को  फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक के जरिए संभव बनाया जाएगा.  फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक का हैदराबाद एयरपोर्ट पर ट्रायल शुरू हो चुका है. 
हैदराबाद एयरपोर्ट के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार,  फेस रिकॉग्नाइजेशन का ट्रायल एक जुलाई को शुरू किया गया था. यह ट्रायल 31 जुलाई तक चलेगा. अभी तक करीब 2500 से अधिक मुसाफिर फेस रिकॉग्नाइजेशन ट्रायल के लिए अपना रजिस्‍ट्रेशन करा चुके हैं. जिसमें कई टॉलीवुड स्‍टार भी शामिल हैं. उन्‍होंने बताया कि  फिलहाल यह ट्रायल में सिर्फ दिल्‍ली, मुंबई, बैगलूरू, चेन्‍नई, वेजाग और विजयवाड़ा एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिर शामिल हैं.

यहां पर आप करा सकते हैं FR के लिए अपना रजिस्‍ट्रेशन
उन्‍होंने बताया कि हैदराबाद एयरपोर्ट के डोमेस्टिक डिपार्चर गेट संख्‍या एक और तीन पर फेस रिकॉग्नाइजेशन काउंटर बनाए गए हैं. जहां सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक छह एयरपोर्ट को जाने वाले मुसाफिर अपना रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं. उन्‍होंने बताया कि फेस रिकॉग्नाइजेशन रजिस्‍ट्रेशन के लिए मुसाफिरों को अपना सरकार द्वारा जारी वैद्य पहचान पत्र, कांटेक्ट डिटेल उपलब्‍ध कराना होगा. जिसके बाद कैमरे से उनका फेस रिकॉग्नाइज कर दिया जाएगा.

डीजीसीए और बीसीएएस से हरी झंडी के बाद लागू होगा FR
उन्‍होंने बताया कि चूंकि यह ट्रायल फेज है, लिहाजा फेज  रिकॉग्नाइज करने वाले मुसाफिरों को पहचान पत्र को चेक किया जा रहा है. जिससे तकनीक में यदि कोई खामी है तो उसे पता लगा लिया जाए. उन्‍होंने बताया कि 31 जुलाई को ट्रायल रन पूरा होने के बाद, इसकी रिपोर्ट डायरेक्‍टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन और ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटीज को सौंपी जाएगी. इन दोनों एजेंसी से हरी झंडी मिलने के बाद फेज  रिकॉग्नाइजेशन स्‍कीम सभी मुसाफिरों के लिए उपब्‍ध करा दी जाएगी. 
दिल्‍ली और मुंबई एयरपोर्ट ने बढ़ाए डिजी यात्रा की तरफ कदम
डिजी यात्रा के तहत, फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक को लागू करने के लिए दिल्‍ली, मुंबई और बैंगलूरू एयरपोर्ट ने अपने कदम बढ़ा दिए हैं. हाल में ही, दिल्‍ली एयरपोर्ट की एक टीम ने हैदाराबाद एयरपोर्ट का दौराकर फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक का अध्‍ययन किया है. वहीं मुंबई एयरपोर्ट में फ्लैट गेट का ट्रायल शुरू हो गया है. दिल्‍ली और बैगलुरू में यह योजना अभी प्‍लानिंग स्‍टेज पर है.
 

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar