जनेकृविवि में तीन दिनी राष्ट्रीय किसान मेले में 41 कृषक सम्मानित
जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार किसान की आय दुगना करना चाहती है। किसान के माथे पर पसीने की बजाय गालों पर लाली देखना चाहती है, इसलिये जीभर के खेती करिये कोई टैक्स नहीं लगेगा। गरीब विद्यार्थियों को सरकार पढ़ायेगी, खुद फीस देगी। मध्यप्रदेश के बासमती चावल को मान्यता दिला कर रहेंगे। हर गांव को यंत्रदूत गांव बनायेंगे, क्योंकि हमारा युवा अब बैल की बाजाय आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीक से खेती करना चाहता है। इस हेतु पटवारी से लेकर कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं को सरकार लेपटाप देगी। गांव में 10 घंटे बिजली दी जायेगी। खेत का सुरक्षित रखना है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अपनाना होगी। यह किसान का सुरक्षा कवच है। इस वर्ष हमने 210 लाख मेट्रिक टन अनाज उगाने का लक्ष्य रखा है। तदाशय के ओजस्वी उद्गार कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय स्थित जवाहर क्रीड़ांगन में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला कृषि उदय 2017 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि यह किसानों के श्रम और कृषि वैज्ञानिक तकनीक का ही कमाल है कि प्रदेश को लगातार 4 बार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुआ है। दुग्ध और बीज उत्पादन में हम देश में नंबर 1 हैं, दलहन और तिलहन में नंबर 2 पर हैं।
25 हजार किसानों ने लिया हिस्सा...
किसान मेले के संयोजक व संचालक विस्तार सेवायें डॉ. पीके बिसेन ने स्वागत भाषण और मेला प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये कहा कि गत 3 दिनों में प्रदेश के 27 जिलों के 25 हजार किसानों ने हिस्सा लिया। अन्य राज्यों के साथ ही अमेरिका और स्विटजरलैंड के किसानों ने भी कृषि तकनीक की प्रशंसा की। इस मौके पर विधायक सुषील तिवारी इन्दू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, जनपद अध्यक्ष किरण मरावी लालबर्रा बालाघाट, अलका गर्ग, भापजा ग्रामीण अध्यक्ष शिव कुमार पटेल, कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी व अन्य रहे।
जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार किसान की आय दुगना करना चाहती है। किसान के माथे पर पसीने की बजाय गालों पर लाली देखना चाहती है, इसलिये जीभर के खेती करिये कोई टैक्स नहीं लगेगा। गरीब विद्यार्थियों को सरकार पढ़ायेगी, खुद फीस देगी। मध्यप्रदेश के बासमती चावल को मान्यता दिला कर रहेंगे। हर गांव को यंत्रदूत गांव बनायेंगे, क्योंकि हमारा युवा अब बैल की बाजाय आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीक से खेती करना चाहता है। इस हेतु पटवारी से लेकर कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं को सरकार लेपटाप देगी। गांव में 10 घंटे बिजली दी जायेगी। खेत का सुरक्षित रखना है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अपनाना होगी। यह किसान का सुरक्षा कवच है। इस वर्ष हमने 210 लाख मेट्रिक टन अनाज उगाने का लक्ष्य रखा है। तदाशय के ओजस्वी उद्गार कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विष्वविद्यालय स्थित जवाहर क्रीड़ांगन में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला कृषि उदय 2017 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि यह किसानों के श्रम और कृषि वैज्ञानिक तकनीक का ही कमाल है कि प्रदेश को लगातार 4 बार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुआ है। दुग्ध और बीज उत्पादन में हम देश में नंबर 1 हैं, दलहन और तिलहन में नंबर 2 पर हैं।
25 हजार किसानों ने लिया हिस्सा...
किसान मेले के संयोजक व संचालक विस्तार सेवायें डॉ. पीके बिसेन ने स्वागत भाषण और मेला प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये कहा कि गत 3 दिनों में प्रदेश के 27 जिलों के 25 हजार किसानों ने हिस्सा लिया। अन्य राज्यों के साथ ही अमेरिका और स्विटजरलैंड के किसानों ने भी कृषि तकनीक की प्रशंसा की। इस मौके पर विधायक सुषील तिवारी इन्दू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, जनपद अध्यक्ष किरण मरावी लालबर्रा बालाघाट, अलका गर्ग, भापजा ग्रामीण अध्यक्ष शिव कुमार पटेल, कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी व अन्य रहे।