मां शारदा के दर्शन से पहले मातम, चित्रकूट में श्रद्धालुओं की बोलेरो नदी में गिरी
कानपुर से मैहर जा रहे छह यात्रियों में दो की मौत, चार घायल; तड़के तीन बजे झूरी नदी में हुआ हादसा।
सतना/चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीर्थयात्रियों की यात्रा को मातम में बदल दिया। उत्तर प्रदेश के कानपुर से मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर झूरी नदी में जा गिरी।
इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे चित्रकूट थाना क्षेत्र में हुई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
इस दौरान वहां से गुजर रहे पैदल तीर्थयात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए नदी में उतरकर बोलेरो सवार लोगों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
तड़के तीन बजे झूरी नदी में समा गई बोलेरो
मिली जानकारी के अनुसार, बोलेरो में सवार सभी छह यात्री उत्तर प्रदेश के कानपुर से मैहर की ओर जा रहे थे। सभी का उद्देश्य मां शारदा देवी के दर्शन करना था।
रविवार तड़के करीब तीन बजे जब उनका वाहन चित्रकूट थाना क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक अनियंत्रित होकर झूरी नदी में जा गिरा।
हादसा इतना गंभीर था कि वाहन में सवार दो लोगों की जान चली गई। चार अन्य यात्रियों को चोटें आईं। अंधेरा और नदी में वाहन गिरने की स्थिति ने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
पैदल तीर्थयात्रियों ने दिखाई तत्परता, नदी में उतरकर किया बचाव
हादसे के बाद वहां से गुजर रहे पैदल तीर्थयात्रियों ने मानवता की मिसाल पेश की। नदी में वाहन गिरने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल मदद का प्रयास शुरू कर दिया।
प्रत्यक्ष रूप से घटनास्थल पर पहुंचे इन यात्रियों ने नदी में उतरकर बोलेरो सवार लोगों को बाहर निकालने में सहायता की। उनकी तत्परता से घायलों तक मदद पहुंचाने का रास्ता खुला।
इसके बाद पुलिस और आपातकालीन सहायता दल को घटना की जानकारी दी गई।
झूरी नदी में बोलेरो गिरने के बाद मौके से गुजर रहे पैदल तीर्थयात्रियों ने नदी में उतरकर वाहन सवार लोगों को बाहर निकालने में मदद की। इस दौरान घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई।
डायल 112 की टीम पहुंची, घायलों को जानकीकुंड अस्पताल भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य के दौरान घायल यात्रियों को सुरक्षित निकालकर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
घायलों को चित्रकूट स्थित जानकीकुंड अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
फिलहाल घायलों की विस्तृत चिकित्सकीय स्थिति और मृतकों की पहचान से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कानपुर से मैहर जा रहे थे सभी छह श्रद्धालु
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बोलेरो में सवार सभी छह यात्री कानपुर के निवासी थे। वे धार्मिक यात्रा पर निकले थे और मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करने जा रहे थे।
लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही चित्रकूट में हुए सड़क हादसे ने यात्रा को दुखद घटना में बदल दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों यात्रियों के नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरण की पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
बोलेरो अनियंत्रित कैसे हुई? पुलिस कर रही जांच
हादसे के बाद पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बोलेरो अचानक अनियंत्रित कैसे हुई और नदी में गिरने की वास्तविक वजह क्या थी।
वाहन की गति, सड़क की स्थिति, दृश्यता और अन्य संभावित परिस्थितियों के संबंध में जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
विशेषज्ञों की सामान्य सड़क सुरक्षा सलाह के अनुसार, रात के समय लंबी दूरी की यात्रा में वाहन की गति नियंत्रित रखना, पर्याप्त विश्राम करना, सीट बेल्ट लगाना और सड़क की स्थिति के अनुरूप वाहन चलाना महत्वपूर्ण है। हालांकि इन सामान्य सावधानियों का उल्लेख इस विशेष हादसे के कारण की पुष्टि नहीं करता।
कानपुर से मैहर में मां शारदा के दर्शन करने जा रहे छह श्रद्धालुओं की बोलेरो चित्रकूट में झूरी नदी में गिर गई। दो यात्रियों की मौत और चार के घायल होने की सूचना है। पैदल तीर्थयात्रियों ने बचाव में मदद की, जबकि डायल 112 की टीम ने घायलों को जानकीकुंड अस्पताल पहुंचाया। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।



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