दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर नोहटा थाना क्षेत्र के अभाना गांव के पास स्कूल जा रही तीन छात्राओं को एक यात्री बस ने जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में कक्षा आठवीं की दो छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरी छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी। टक्कर के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। छात्राओं की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश फैल गया।
दुर्घटना में 14 वर्षीय दसोदा पटेल और आरुषि ठाकुर की मौत हो गई। वहीं नित्या सेन नाम की तीसरी छात्रा घायल हुई है, जिसका उपचार कराया जा रहा है। तीनों छात्राएं स्कूल जाने के लिए निकली थीं।
आठवीं में पढ़ती थीं दसोदा और आरुषि, परिवारों में मातम
मृत छात्राओं की पहचान दसोदा पटेल और आरुषि ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों कक्षा आठवीं में अध्ययनरत थीं और रोज की तरह शनिवार को भी स्कूल जा रही थीं। लेकिन अभाना गांव के पास हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
परिजनों के अनुसार आरुषि का एक भाई है, जबकि दसोदा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बेटी की असमय मौत से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया।
हाईवे पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
दुर्घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।
चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात बाधित होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों और मृत छात्राओं के परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया।
कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, बस जब्त करने के निर्देश
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रा की स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को दुर्घटना में शामिल बस को तत्काल जब्त करने और उसके फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट तथा अन्य परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बस निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रही थी या नहीं और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
बस के भीतर भी मची अफरा-तफरी, यात्री घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना नूरी ट्रेवल्स की यात्री बस से हुई। टक्कर और अचानक ब्रेक लगने से बस के भीतर बैठे यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई।
दमोह के सिविल वार्ड क्रमांक सात निवासी देवकरण शर्मा ने बताया कि वे अपने रिश्तेदार के घर नोहटा जा रहे थे। अचानक ब्रेक लगने से बस के ऊपरी रैक में रखा भारी सामान उनके ऊपर गिर गया, जिससे उन्हें चोटें आईं और वे बेहोश हो गए।
स्थानीय लोगों की सहायता से 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार कराया जा रहा है।
नायब तहसीलदार ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहायता का भरोसा दिलाया।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने व्यस्त राजमार्गों के आसपास स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा का सवाल फिर सामने ला दिया है। खासकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बच्चों को सड़क किनारे पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है, वहां वाहनों की रफ्तार, संकेतक, सुरक्षित पैदल मार्ग और यातायात निगरानी की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना में बस चालक की भूमिका, वाहन की रफ्तार और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर हुए हादसे में आठवीं की छात्रा दसोदा पटेल और आरुषि ठाकुर की मौत हो गई, जबकि नित्या सेन घायल है। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। प्रशासन ने बस जब्त करने और उसके फिटनेस व परमिट की जांच के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस जांच से हादसे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी।



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