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छिंदवाड़ा में 3 हजार की रिश्वत लेते प्रभारी डिप्टी रेंजर ट्रैप, लकड़ी कारोबारी का पंजीयन रद्द करने की धमकी देकर मांगी थी रकम

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वन विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में ट्रैप कार्रवाई की गई है। बिछुआ वन परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी डिप्टी रेंजर एवं वनपाल सुनील बनवारी (57) को 13 अक्टूबर 2026 को उनके शासकीय आवास पर 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता मोखराम मालवीय (55) के अनुसार, उनके भाई लेखराम मालवीय के नाम इमारती लकड़ी के विनिर्माण एवं उपभोग का पंजीयन है। लकड़ी खरीद का त्रैमासिक रिकॉर्ड दर्ज करने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले अधिकारी ने रिश्वत मांगी थी। रकम नहीं देने पर पंजीयन रद्द कराने की धमकी देने का भी आरोप है। शिकायत के बाद टीम ने योजनाबद्ध ट्रैप कार्रवाई की। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

छिंदवाड़ा में 3 हजार की रिश्वत लेते प्रभारी डिप्टी रेंजर ट्रैप, लकड़ी कारोबारी का पंजीयन रद्द करने की धमकी देकर मांगी थी रकम
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छिंदवाड़ा में 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते प्रभारी डिप्टी रेंजर ट्रैप, शासकीय आवास पर कार्रवाई

इमारती लकड़ी के रिकॉर्ड में हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, पंजीयन रद्द करने की धमकी देने की भी शिकायत।

जबलपुर/छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वन विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी ट्रैप कार्रवाई सामने आई है। बिछुआ वन परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी डिप्टी रेंजर (वनपाल) सुनील बनवारी को कथित तौर पर 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके शासकीय आवास पर पकड़ा गया है।

आरोप है कि अधिकारी ने इमारती लकड़ी के कारोबार से जुड़े त्रैमासिक रिकॉर्ड को दर्ज करने और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले आवेदक से रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, रकम नहीं देने पर लकड़ी कारोबार से संबंधित पंजीयन रद्द करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के बाद 13 अक्टूबर 2026 को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

ट्रैप कार्रवाई एक नजर में
₹3,000
कथित रिश्वत की रकम
13 अक्टूबर
कार्रवाई की तारीख, 2026
  • जिला: छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश
  • वन परिक्षेत्र: बिछुआ
  • आरोपी अधिकारी: सुनील बनवारी, उम्र 57 वर्ष
  • पद: प्रभारी डिप्टी रेंजर (वनपाल)
  • शिकायतकर्ता: मोखराम मालवीय, उम्र 55 वर्ष
  • निवास: माता मां चौक, वार्ड क्रमांक-1, बिछुआ
  • पंजीयनधारक: लेखराम मालवीय
  • रिश्वत मांगने का आरोप: त्रैमासिक रिकॉर्ड दर्ज करने और हस्ताक्षर करने के बदले
  • ट्रैप स्थल: वन परिक्षेत्र बिछुआ स्थित शासकीय आवास
  • कानूनी कार्रवाई: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण

इमारती लकड़ी के कारोबार से जुड़ा है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, बिछुआ तहसील के माता मां चौक, वार्ड क्रमांक-1 निवासी मोखराम मालवीय (55 वर्ष) के भाई लेखराम मालवीय के नाम इमारती लकड़ी के विनिर्माण एवं उपभोग से संबंधित पंजीयन है।

यह पंजीयन मध्यप्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969 की धारा 11 के अंतर्गत होने की जानकारी दी गई है।

मोखराम और उनके भाई फर्नीचर निर्माण से संबंधित कार्य करते हैं। इसके लिए वे अलग-अलग स्थानों से इमारती लकड़ी खरीदते हैं। कारोबार से संबंधित लकड़ी की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज कराई जाती है।

बताया गया है कि लकड़ी की खरीद संबंधी विवरण हर तीन महीने में विभाग को प्रस्तुत किया जाता है। इसी त्रैमासिक जानकारी के रिकॉर्ड और दस्तावेजों को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है।

दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले मांगे 3 हजार रुपये

शिकायतकर्ता के अनुसार, बिछुआ वन परिक्षेत्र में पदस्थ प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी द्वारा त्रैमासिक जानकारी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और विभागीय रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज करने के बदले 3,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

आरोप है कि अधिकारी नियमित विभागीय प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अवैध भुगतान का दबाव बना रहे थे।

आवेदक ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत की, जिसके बाद संबंधित टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की।

रकम नहीं देने पर पंजीयन रद्द करने की धमकी का आरोप

मामले में एक महत्वपूर्ण आरोप यह भी है कि रिश्वत की रकम नहीं देने की स्थिति में अधिकारी द्वारा इमारती लकड़ी से संबंधित पंजीयन रद्द कराने की धमकी दी जा रही थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी नहीं होने और उसे रद्द किए जाने की आशंका से उनके कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता था।

इसी कथित दबाव और रिश्वत की मांग को लेकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में लगाए गए दो प्रमुख आरोप
  • त्रैमासिक रिकॉर्ड दर्ज करने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के बदले 3,000 रुपये की मांग।
  • रिश्वत नहीं देने पर इमारती लकड़ी के कारोबार का पंजीयन रद्द कराने की धमकी।

शासकीय आवास पर बिछाया जाल, रकम लेते ही टीम ने पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद संबंधित कार्रवाई दल ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी की।

जानकारी के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को आवेदक मोखराम मालवीय रिश्वत की कथित मांग के अनुसार 3,000 रुपये लेकर बिछुआ वन परिक्षेत्र स्थित अधिकारी के शासकीय आवास पहुंचे।

जैसे ही आवेदक ने प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी को रकम दी, टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

ट्रैप कार्रवाई के बाद मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी सुनील बनवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट में अधिनियम की धारा 7, धारा 13(1)(बी) और धारा 13(2) का उल्लेख किया गया है।

मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। ट्रैप कार्रवाई में पकड़े जाने और आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

वन विभाग में कार्रवाई से हलचल

बिछुआ वन परिक्षेत्र में पदस्थ अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में हुई इस कार्रवाई से वन विभाग और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हलचल की स्थिति बताई जा रही है।

यह मामला सरकारी कार्यालयों में निर्धारित प्रक्रिया के बदले कथित अवैध भुगतान की मांग जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाता है।

अब जांच में रिश्वत की कथित मांग, शिकायत से जुड़े साक्ष्यों और ट्रैप कार्रवाई की परिस्थितियों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

जांच में सामने आएंगे आगे के तथ्य

प्रकरण दर्ज होने के बाद संबंधित जांच एजेंसी द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में आरोपी अधिकारी का पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है। साथ ही कार्रवाई करने वाली एजेंसी और उसके अधिकारियों के नाम की जानकारी भी प्राप्त विवरण में नहीं दी गई है।

जांच पूरी होने और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

3 हजार की रिश्वत का आरोप, डिप्टी रेंजर के खिलाफ कार्रवाई

छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ वन परिक्षेत्र में प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी को 3,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए शासकीय आवास पर ट्रैप किया गया। शिकायतकर्ता ने त्रैमासिक रिकॉर्ड दर्ज करने के बदले रिश्वत मांगने और पंजीयन रद्द करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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