शिशु मंगल हॉस्पिटल का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित, स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई गंभीर खामियां
अनमोल और पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर रिकॉर्ड अधूरे, योग्य चिकित्सक की अनुपलब्धता सहित सुरक्षा व्यवस्था में अनियमितताएं।
जबलपुर। शहर के राइट टाउन स्थित शिशु मंगल हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने अस्पताल का पंजीयन एवं लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल के मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड, सोनोग्राफी जांचों की ऑनलाइन प्रविष्टियां, चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं।
कार्रवाई के बाद अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती प्रतिबंधित कर दी गई है। वहीं, पहले से भर्ती मरीजों के समुचित उपचार और आवश्यकतानुसार अन्य पंजीकृत चिकित्सालय में सुरक्षित स्थानांतरण के निर्देश दिए गए हैं।
- अस्पताल: शिशु मंगल हॉस्पिटल
- स्थान: राइट टाउन, जबलपुर
- कार्रवाई: पंजीयन और लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित
- आदेश: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी
- अनमोल पोर्टल: एक भी प्रविष्टि नहीं
- पीसीपीएनडीटी पोर्टल: 21 में से 9 प्रकरण दर्ज
- अन्य खामियां: चिकित्सक, स्टाफ अभिलेख, बायोमेडिकल वेस्ट, फायर सेफ्टी और सफाई
- प्रतिबंध: नए मरीजों की भर्ती पर रोक
तीन सदस्यीय टीम ने किया अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत दिवस जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई और पीसीपीएनडीटी शाखा के सौरभ चोटिल ने शिशु मंगल हॉस्पिटल का संयुक्त निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर दर्ज रिकॉर्ड, स्टाफ की योग्यता से जुड़े अभिलेखों और अन्य व्यवस्थाओं की पड़ताल की।
इस जांच में कई निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की।
हर दिन 8 से 10 गर्भवती महिलाएं आती थीं, अनमोल पोर्टल पर एक भी एंट्री नहीं
निरीक्षण में सामने आई प्रमुख अनियमितताओं में अनमोल पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया जाना शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 8 से 10 गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। इसके बावजूद अस्पताल की ओर से अनमोल पोर्टल पर एक भी प्रविष्टि नहीं की गई थी।
गर्भवती महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के रिकॉर्ड का निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संधारण महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पताल द्वारा ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं किए जाने को निरीक्षण टीम ने अनियमितता के रूप में दर्ज किया।
21 सोनोग्राफी जांचों में से केवल 9 की जानकारी पोर्टल पर दर्ज
पीसीपीएनडीटी से संबंधित रिकॉर्ड की जांच में भी महत्वपूर्ण खामी सामने आई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फरवरी 2026 से निरीक्षण की तारीख तक अस्पताल में कुल 21 सोनोग्राफी जांचें की गई थीं। लेकिन इनमें से केवल 9 प्रकरणों के फॉर्म-एफ की प्रविष्टियां पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर उपलब्ध थीं।
इस प्रकार कुल जांचों में से 12 प्रकरणों की प्रविष्टियां पोर्टल पर दर्ज नहीं पाई गईं। यह संख्या कुल जांचों के आधे से भी कम दर्ज प्रविष्टियों की स्थिति को दर्शाती है।
उपरोक्त आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में दर्ज पोर्टल प्रविष्टियों पर आधारित हैं।
योग्य एलोपैथिक चिकित्सक की अनुपलब्धता भी सामने आई
निरीक्षण टीम ने अस्पताल में योग्य एलोपैथिक चिकित्सक की अनुपलब्धता भी दर्ज की।
इसके अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ की योग्यता से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए।
चिकित्सकीय संस्थानों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की योग्यता तथा उनके दस्तावेजों का सत्यापन मरीजों की सुरक्षित देखभाल और निर्धारित मानकों के पालन के लिए महत्वपूर्ण होता है।
स्वास्थ्य विभाग ने इन कमियों को भी अस्पताल के विरुद्ध की गई कार्रवाई के आधारों में शामिल किया।
बायोमेडिकल वेस्ट, फायर सेफ्टी और साफ-सफाई में भी खामियां
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं में भी अनियमितताएं सामने आईं।
इनमें बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और साफ-सफाई से संबंधित कमियां शामिल हैं।
अस्पतालों में चिकित्सा अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण, अग्नि सुरक्षा की तैयारी और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना मरीजों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण में सामने आई इन सभी खामियों को गंभीरता से लिया है।
- अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं से संबंधित प्रविष्टियां नहीं करना।
- पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर सोनोग्राफी जांचों के फॉर्म-एफ की अधूरी प्रविष्टियां।
- निरीक्षण के समय योग्य एलोपैथिक चिकित्सक की अनुपलब्धता।
- नर्सिंग स्टाफ की योग्यता संबंधी दस्तावेजों का अभाव।
- बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में अनियमितताएं।
- फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और साफ-सफाई में कमियां।
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने 15 दिन के लिए निलंबित किया लाइसेंस
निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज अनियमितताओं को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने शिशु मंगल हॉस्पिटल का पंजीयन एवं लाइसेंस 15 दिवस के लिए निलंबित करने की कार्रवाई की है।
इस आदेश के तहत निलंबन अवधि में अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती प्रतिबंधित रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई अस्पताल में निर्धारित रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
पहले से भर्ती मरीजों के उपचार और सुरक्षित स्थानांतरण के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों की सुरक्षा और उपचार को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्देश भी जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए और उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार डिस्चार्ज किया जाए।
यदि किसी मरीज को आगे अस्पताल में उपचार की आवश्यकता है, तो उसे आवश्यकतानुसार किसी अन्य पंजीकृत चिकित्सालय में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य निलंबन अवधि में भी मरीजों की चिकित्सा देखभाल प्रभावित होने से बचाना है।
अस्पतालों में रिकॉर्ड और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
शिशु मंगल हॉस्पिटल के खिलाफ हुई कार्रवाई ने निजी चिकित्सा संस्थानों में ऑनलाइन रिकॉर्ड, चिकित्सकीय स्टाफ की योग्यता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन का महत्व सामने रखा है।
विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के उपचार और सोनोग्राफी जांचों से संबंधित अभिलेखों का सही संधारण तथा निर्धारित पोर्टल पर समय पर प्रविष्टियां किया जाना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल अस्पताल का पंजीयन और लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद लाइसेंस की स्थिति को लेकर आगे क्या निर्णय होगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
जबलपुर के राइट टाउन स्थित शिशु मंगल हॉस्पिटल में अनमोल एवं पीसीपीएनडीटी पोर्टल की अधूरी प्रविष्टियों सहित चिकित्सकीय और सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने पंजीयन एवं लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित किया है। पहले से भर्ती मरीजों के सुरक्षित उपचार, डिस्चार्ज अथवा आवश्यकतानुसार अन्य पंजीकृत अस्पताल में स्थानांतरण के निर्देश दिए गए हैं।



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