जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र में सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 45 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 30 तोला सोने के जेवरात, चांदी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल ऑटो, सब्बल और ऑटो का हुड बरामद किया गया है।
अभिषेक चौबे उर्फ गुड्डू (35), आशीष चौबे (36) और आशीष की पत्नी ज्योति चौबे (32) हैं। तीनों ग्राम केवलारी, थाना पनागर के निवासी बताए गए हैं।
स्टेशन गया था परिवार, पीछे से टूट गए घर के ताले
पुलिस के अनुसार लमती निवासी गगन शर्मा ने 13 सितंबर 2026 को पनागर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे वह घर के सामने और अंदर ऊपर की ग्रिल के गेट पर ताला लगाकर पत्नी और बच्चों को इंदौर जाने वाली ट्रेन में बैठाने जबलपुर रेलवे स्टेशन गए थे। इसके बाद वह अपने माता-पिता के कृषि उपज मंडी के पास स्थित फ्लैट में रुक गए।
अगली सुबह करीब 10 बजे पड़ोसी ने फोन कर बताया कि घर के सामने लगे शटर का कुंदा टूटा हुआ है। गगन शर्मा घर पहुंचे तो शटर के साथ किचन के पास लगे ग्रिल गेट का कुंदा भी टूटा मिला। दो आलमारियों के लॉक टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था।
लॉकर में रखे सोने के मंगलसूत्र, चूड़ियां, हार, झुमकी, टॉप्स, अंगूठियां, चेन, लॉकेट, ब्रेसलेट और हाथफूल समेत चांदी के आभूषण गायब मिले। रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 331(4) और 305(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV ने दिया बड़ा सुराग, रात 1:04 बजे दिखा संदिग्ध ऑटो
वारदात के बाद पुलिस टीम ने फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की मदद से घटनास्थल की जांच की। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
जांच के दौरान पनागर-जबलपुर मुख्य मार्ग पर एक नीले रंग का ऑटो संदिग्ध गतिविधियों के साथ दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक फुटेज में रात करीब 1 बजकर 4 मिनट पर ऑटो गगन शर्मा के घर के सामने रुकता दिखाई दिया। इसी दौरान मकान के पास टॉर्च की रोशनी भी नजर आई।
पुलिस के मुताबिक संदिग्ध ऑटो पर ‘कैप्री गोल्ड लोन’ के विज्ञापन वाला हुड लगा था। जांच में सामने आया कि ग्राम केवलारी निवासी आशीष चौबे यह ऑटो चलाता है।
पुलिस जब आशीष के घर पहुंची तो आशीष और उसका भाई अभिषेक वहां नहीं मिले। बाद में अभिषेक चौबे के बिहार से लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
मटमैले झोले में छिपाए गए थे लाखों के जेवर
पुलिस के अनुसार आशीष की पत्नी ज्योति चौबे से पूछताछ में सामने आया कि चोरी के जेवरों में से एक-एक चेन आशीष और अभिषेक अपने साथ ले गए थे, जबकि बाकी जेवर घर में एक मटमैले झोले में छिपाकर रखे गए थे।
इसके बाद पुलिस ने आशीष की तलाश तेज की और उसे उसकी बहन के घर के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
दो दिन तक मकान की रेकी, फिर बनाई चोरी की योजना
पुलिस पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसने करीब दो दिन तक सूने मकान की निगरानी की थी। पुलिस के मुताबिक जब उसे मकान में किसी की आवाजाही नजर नहीं आई तो उसने अपने भाई अभिषेक के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि दोनों ऑटो से मकान के पास पहुंचे और ताले तोड़कर अंदर घुस गए। वहां से सोने-चांदी के जेवर लेकर दोनों ऑटो से फरार हो गए।
2 दिन रेकी • 30 तोला सोना • करीब ₹45 लाख के जेवर
30 तोला सोना, चांदी के आभूषण, ऑटो और सब्बल जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घर में छिपाकर रखे सोने-चांदी के जेवर बरामद किए। इनमें मंगलसूत्र, हार, कंगन, चेन, झुमकी, कान की बालियां, सोने के टॉप्स, हाथफूल-ब्रेसलेट, लॉकेट, अंगूठियां, नाक की लौंग, गुरिया और अन्य आभूषण शामिल हैं।
इसके अलावा चांदी की हाय, बिछिया, सिक्का, गणेश प्रतिमा, मूंगा माला, पीतल के लोटे और गिलास भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद सोने के जेवरों का वजन करीब 30 तोला है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपए बताई गई है। इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल ऑटो, सब्बल और ऑटो का हुड भी जब्त किया गया है।
आशीष के खिलाफ पहले से दर्ज हैं चार मामले
पुलिस के मुताबिक आरोपी आशीष चौबे के खिलाफ पहले से मारपीट, चोरी और एक्सीडेंट से संबंधित चार आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।



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