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जबलपुर में संवेदनशीलता की मिसाल: दिव्यांग की फरियाद सुनने जमीन पर बैठे निगमायुक्त, नल कनेक्शन की समस्या पर दिए निर्देश

जबलपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार का संवेदनशील व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले एक दिव्यांग आवेदक की समस्या सुनने के लिए निगमायुक्त अपनी कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए। आवेदक रेलवे स्टेशन के समीप भोजन का ठेला लगाकर आजीविका चलाते हैं और उनके निवास स्थान पर नल कनेक्शन नहीं है। निगमायुक्त ने उनकी परेशानी सुनने के बाद जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव को आवेदन का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक 11 शिकायतें अतिक्रमण शाखा से संबंधित थीं। वहीं, कांग्रेस परिवार रांझी ने बड़ा पत्थर स्थित सामुदायिक भवन को दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के संचालन के साथ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विवाह एवं सामाजिक आयोजनों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

जबलपुर में संवेदनशीलता की मिसाल: दिव्यांग की फरियाद सुनने जमीन पर बैठे निगमायुक्त, नल कनेक्शन की समस्या पर दिए निर्देश
JABALPUR NEWS | MUNICIPAL JANSUNWAI

दिव्यांग की फरियाद सुनने जमीन पर बैठे निगमायुक्त, नल कनेक्शन की समस्या पर तत्काल निर्देश

नगर निगम की जनसुनवाई में संवेदनशीलता की तस्वीर, 42 आवेदनों में सर्वाधिक 11 शिकायतें अतिक्रमण से संबंधित।

जबलपुर। सरकारी कार्यालयों में अक्सर नागरिकों को अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इंतजार करना पड़ता है, लेकिन जबलपुर नगर निगम की जनसुनवाई में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक दिव्यांग आवेदक की बात सुनने के लिए निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार अपनी कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए।

निगमायुक्त ने आवेदक से आत्मीयता के साथ बातचीत की, उसकी परेशानी समझी और संबंधित अधिकारी को समस्या का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उनका यह व्यवहार जनसुनवाई में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

नगर निगम मुख्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई में नागरिकों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें अतिक्रमण, राजस्व, कॉलोनी और जल विभाग से संबंधित शिकायतें शामिल थीं।

जनसुनवाई की प्रमुख बातें
42
कुल आवेदन
11
अतिक्रमण संबंधी शिकायतें
  • जनसुनवाई स्थल: नगर निगम मुख्यालय, जबलपुर
  • निगमायुक्त: राम प्रकाश अहिरवार
  • दिव्यांग आवेदक की समस्या: निवास स्थान पर नल कनेक्शन नहीं होना
  • संबंधित अधिकारी: कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव
  • अन्य मांग: सामुदायिक भवन को वैवाहिक आयोजनों के लिए उपलब्ध कराना

कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठे निगमायुक्त, ध्यान से सुनी परेशानी

जनसुनवाई में पहुंचे दिव्यांग आवेदक को देखकर निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार स्वयं अपनी कुर्सी से उठे और उसकी समस्या सुनने के लिए जमीन पर बैठ गए।

उन्होंने आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान निगमायुक्त ने आवेदक की समस्या के निराकरण को प्राथमिकता देने के लिए कहा।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह आम नागरिक के पास बैठकर उसकी बात सुनना जनसुनवाई में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित कर गया।

रेलवे स्टेशन के पास भोजन का ठेला लगाते हैं दिव्यांग आवेदक

जानकारी के अनुसार, दिव्यांग आवेदक सिविल लाइन क्षेत्र में निवास करते हैं और अपनी आजीविका चलाने के लिए रेलवे स्टेशन के समीप भोजन का ठेला लगाते हैं।

आवेदक ने निगमायुक्त को बताया कि जिस स्थान पर वह रहते हैं, वहां नल कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण उन्हें पानी से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उनकी समस्या सुनने के बाद निगमायुक्त ने जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव को आवेदन का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

नल कनेक्शन की समस्या पर निर्देश

निगमायुक्त ने जल विभाग के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव को दिव्यांग आवेदक की शिकायत पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। नल कनेक्शन उपलब्ध होने की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।

42 आवेदनों में अतिक्रमण की सर्वाधिक 11 शिकायतें

नगर निगम मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सर्वाधिक 11 आवेदन अतिक्रमण शाखा से संबंधित थे।

इसके अलावा राजस्व विभाग, कॉलोनी और जल विभाग से जुड़ी समस्याएं भी नागरिकों ने निगमायुक्त के सामने रखीं।

निगमायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को शिकायतों के निराकरण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

गरीब परिवारों के विवाह के लिए सामुदायिक भवन खोलने की मांग

जनसुनवाई में नागरिक सुविधाओं के साथ सामाजिक आयोजनों के लिए सामुदायिक भवन उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया।

कांग्रेस परिवार रांझी की ओर से बड़ा पत्थर स्थित सामुदायिक भवन में वैवाहिक एवं सामाजिक गतिविधियां पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त को आवेदन सौंपा गया।

आवेदन में बताया गया कि इस सामुदायिक भवन में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का संचालन शुरू होने के बाद विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

आवेदनकर्ताओं का कहना है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए महंगे निजी स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है।

रसोई भी चले और विवाह समारोह भी हों, समय-सारणी बनाने का सुझाव

कांग्रेस परिवार रांझी ने मांग की है कि सामुदायिक भवन में दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का संचालन जारी रखते हुए वैवाहिक और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी व्यवस्था बनाई जाए।

आवेदन में सुझाव दिया गया कि रसोई संचालन की एक निर्धारित समय-सारणी बनाई जाए और शेष समय में भवन को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराया जाए।

इसके अलावा रसोई संचालन के लिए अलग व्यवस्था करने, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भवन निर्माण और अतिक्रमण हटाकर स्थान उपलब्ध कराने जैसे विकल्पों पर विचार करने की मांग भी की गई।

कांग्रेस परिवार रांझी की प्रमुख मांगें
  • बड़ा पत्थर सामुदायिक भवन में वैवाहिक एवं सामाजिक आयोजन पुनः शुरू हों।
  • दीनदयाल अंत्योदय रसोई के संचालन की समय-सारणी निर्धारित की जाए।
  • रसोई संचालन के अतिरिक्त समय में भवन आयोजनों के लिए उपलब्ध कराया जाए।
  • रसोई के लिए अलग स्थान या अतिरिक्त भवन की व्यवस्था पर विचार हो।
  • आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाकर जगह उपलब्ध कराने पर विचार किया जाए।
  • गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भवन रियायती दरों पर मिले।

रियायती दरों पर सामुदायिक भवन देने का आग्रह

आवेदनकर्ताओं ने नगर निगम से मांग की कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सामुदायिक भवन को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाए।

उनका कहना है कि सामुदायिक भवन की उपलब्धता से ऐसे परिवारों को विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में होने वाले खर्च से राहत मिल सकती है।

हालांकि इस मांग पर नगर निगम की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

शिकायतों के त्वरित निराकरण पर निगमायुक्त का जोर

जनसुनवाई के दौरान निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को बार-बार नगर निगम कार्यालय आने की आवश्यकता न पड़े।

दिव्यांग आवेदक के साथ उनका संवेदनशील व्यवहार इस जनसुनवाई का विशेष प्रसंग रहा। वहीं, अतिक्रमण और सामुदायिक भवन से संबंधित शिकायतों के निराकरण पर भी अब संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

जनसुनवाई में संवेदनशीलता और समाधान का संदेश

जबलपुर नगर निगम की जनसुनवाई में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने जमीन पर बैठकर दिव्यांग आवेदक की समस्या सुनी और जल विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कुल 42 आवेदनों में अतिक्रमण की 11 शिकायतें रहीं। इसी दौरान बड़ा पत्थर सामुदायिक भवन को गरीब परिवारों के विवाह और सामाजिक आयोजनों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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