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जबलपुर में उमरिया नहर में डूबे 10 साल के आशीष का तीसरे दिन भी सुराग नहीं, खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठे परिजन

जबलपुर के खमरिया थाना क्षेत्र में बरगी बांध की उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय आशीष ठाकुर का तीसरे दिन मंगलवार तक कोई सुराग नहीं मिल सका। बच्चे की तलाश में देरी और बचाव अभियान की व्यवस्था से नाराज परिजन खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठ गए। आशीष की मां पूजा ठाकुर ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद शुरुआती समय में खोजबीन को गंभीरता से नहीं लिया गया। जानकारी के अनुसार, पिपरिया वार्ड क्रमांक 79 के टोपला मोहल्ले से कुछ बच्चे नहाने नहर गए थे, जहां आशीष गहरे पानी में डूब गया। साथ गए बच्चों ने घटना की जानकारी परिवार को नहीं दी। बाद में एक कबाड़ी के माध्यम से सूचना मिली और घटनास्थल पर आशीष के जूते तथा हाथ का कड़ा मिला। रांझी सीएसपी सतीश साहू ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस तलाश अभियान चला रही हैं, लेकिन पानी के तेज बहाव से कठिनाई हो रही है।

जबलपुर में उमरिया नहर में डूबे 10 साल के आशीष का तीसरे दिन भी सुराग नहीं, खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठे परिजन
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उमरिया नहर में डूबे मासूम आशीष का तीसरे दिन भी सुराग नहीं, थाने के सामने परिजनों का धरना

रेस्क्यू में देरी के आरोपों से नाराज परिवार, सीएसपी ने मौके पर पहुंचकर की चर्चा; एसडीआरएफ की तलाश जारी।

जबलपुर। खमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरगी बांध की उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय आशीष ठाकुर का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। मंगलवार को भी बच्चे का पता नहीं चलने से परेशान और आक्रोशित परिजन खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठ गए।

परिजनों ने पुलिस पर शुरुआती समय में तलाश अभियान को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। थाने के सामने हंगामे और चक्काजाम जैसी स्थिति बनने की सूचना पर रांझी सीएसपी सतीश साहू मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें बच्चे की तलाश में जुटी हैं। हालांकि नहर में पानी के बहाव के कारण सर्च ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है।

घटनाक्रम की प्रमुख बातें
  • लापता बच्चा: आशीष ठाकुर, उम्र 10 वर्ष
  • निवास: टोपला मोहल्ला, पिपरिया वार्ड क्रमांक 79
  • घटनास्थल: बरगी बांध की उमरिया नहर
  • थाना क्षेत्र: खमरिया, जबलपुर
  • तलाश: तीसरे दिन भी बच्चे का सुराग नहीं
  • परिजनों का आरोप: शुरुआती रेस्क्यू में देरी
  • बचाव दल: एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस
  • पुलिस अधिकारी: रांझी सीएसपी सतीश साहू

दोस्तों के साथ नहाने गया था आशीष, गहरे पानी में डूबा

जानकारी के अनुसार, पिपरिया वार्ड क्रमांक 79 के टोपला मोहल्ले में रहने वाले कुछ बच्चे दो दिन पहले नहाने के लिए उमरिया नहर पहुंचे थे। इन्हीं बच्चों के साथ 10 वर्षीय आशीष ठाकुर भी गया था।

नहर में नहाने के दौरान आशीष गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद उसके साथ मौजूद अन्य बच्चे घबराकर अपने घर लौट आए, लेकिन उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी आशीष के परिजनों को नहीं दी।

इस कारण परिवार को शुरुआती समय में यह पता ही नहीं चल सका कि आशीष के साथ क्या हुआ है और वह कहां गया है।

कबाड़ी से मिली नहर में डूबने की खबर, किनारे मिले जूते और हाथ का कड़ा

बताया गया है कि बाद में एक कबाड़ी के माध्यम से आशीष के नहर में डूबने की जानकारी उसके परिवार तक पहुंची। यह खबर मिलते ही परिजन परेशान हो गए और नहर की ओर पहुंचे।

घटनास्थल पर तलाश के दौरान आशीष के जूते और हाथ में पहना जाने वाला कड़ा मिलने की जानकारी सामने आई। इन वस्तुओं के मिलने से परिजनों को बच्चे के साथ अनहोनी होने की आशंका और बढ़ गई।

इसके बाद परिवार ने पुलिस और संबंधित बचाव एजेंसियों से तत्काल तलाश अभियान चलाने की मांग की।

तीसरे दिन भी नहीं मिला बेटा, खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठा परिवार

मंगलवार को तलाश का तीसरा दिन होने के बावजूद आशीष का कोई पता नहीं चल सका। इससे परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और वे खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठ गए।

परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और बच्चे की तलाश के लिए अधिक प्रभावी बचाव व्यवस्था करने की मांग की।

इस दौरान थाने के सामने हंगामे और चक्काजाम जैसी स्थिति बनने की सूचना मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

मां पूजा ठाकुर का आरोप—शुरुआत में तलाश को गंभीरता से नहीं लिया

आशीष की मां पूजा ठाकुर और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना की शिकायत किए जाने के बाद भी शुरुआती समय में बच्चे की तलाश के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।

परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते गोताखोरों और आवश्यक बचाव संसाधनों की व्यवस्था कर दी जाती तो खोजबीन में तेजी आ सकती थी।

परिवार का यह भी आरोप है कि थाने पहुंचकर दबाव बनाने के बाद ही तलाश अभियान शुरू कराया गया। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

आधुनिक उपकरणों से तलाश कराने की मांग

परिजनों ने मांग की है कि आशीष की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित गोताखोरों और पानी के भीतर खोज करने वाले विशेष संसाधनों की मदद ली जाए। परिवार ने पनडुब्बी जैसे उपकरणों से भी तलाश कराने की मांग उठाई है।

सीएसपी सतीश साहू ने परिजनों से की चर्चा

खमरिया थाने के सामने परिजनों के धरने और विरोध की जानकारी मिलने पर रांझी सीएसपी सतीश साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने आशीष के परिजनों से बातचीत की और उनकी समस्याएं तथा शिकायतें सुनीं।

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि बच्चे की तलाश के लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

एसडीआरएफ और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी, पानी का बहाव बना चुनौती

सीएसपी सतीश साहू के अनुसार, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें नहर में बच्चे की तलाश कर रही हैं।

पुलिस का कहना है कि पानी का बहाव दूसरी दिशा में अधिक होने के कारण तलाश अभियान में परेशानी आ रही है। नहर में पानी की स्थिति और बहाव को देखते हुए बचाव दल खोजबीन कर रहे हैं।

अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि आशीष का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

परिवार की निगाहें नहर पर, बच्चे की तलाश जारी

आशीष का तीसरे दिन भी पता नहीं चलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही है। परिजन बच्चे की तलाश में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस और बचाव दल का सर्च ऑपरेशन जारी है। आशीष के मिलने या तलाश अभियान के अंतिम परिणाम के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

तीसरे दिन भी आशीष की तलाश जारी

उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय आशीष ठाकुर की तलाश में एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें जुटी हैं। परिजनों ने रेस्क्यू में कथित देरी पर नाराजगी जताई है। पुलिस अधिकारियों ने तलाश के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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