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जबलपुर में कलेक्टर का बड़ा एक्शन: आधारताल तहसील में नामांतरण की गड़बड़ी उजागर, राजस्व निरीक्षक निलंबित

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मंगलवार को आधारताल तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण और लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान तहसीलदार न्यायालय में नजूल नामांतरण से संबंधित फाइलों की जांच में गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि उचित समन शुल्क जमा कराए बिना ही नामांतरण की कार्रवाई की जा रही थी और कुछ प्रकरणों में मात्र एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर नामांतरण किए जा रहे थे। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जबकि राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया को निलंबित कर दिया। नजूल नामांतरण प्रकरणों की विस्तृत जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर मोनिका बाघमारे और प्रगति गनवीर की टीम गठित की गई है। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर रविशंकर राय, संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन और एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी भी उपस्थित रहे।

जबलपुर में कलेक्टर का बड़ा एक्शन: आधारताल तहसील में नामांतरण की गड़बड़ी उजागर, राजस्व निरीक्षक निलंबित
JABALPUR NEWS | REVENUE DEPARTMENT ACTION

आधारताल तहसील में नामांतरण की गड़बड़ी पर कलेक्टर का एक्शन, राजस्व निरीक्षक निलंबित

नजूल नामांतरण की फाइलों में समन शुल्क संबंधी अनियमितताएं, तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस और दो सदस्यीय जांच दल गठित।

जबलपुर। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मंगलवार को आधारताल तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नजूल नामांतरण प्रकरणों की फाइलों में प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण में पाया गया कि कुछ नामांतरण प्रकरणों में निर्धारित समन शुल्क जमा कराए बिना ही कार्रवाई की जा रही थी। ऐसे मामलों में मात्र एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर नामांतरण किए जाने की स्थिति सामने आई।

इस पर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, जबकि राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया को निलंबित कर दिया। साथ ही नजूल नामांतरण प्रकरणों की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय दल गठित किया गया है।

कलेक्टर की कार्रवाई एक नजर में
1 निलंबन
राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई
2 सदस्य
जांच दल में शामिल
  • स्थान: आधारताल तहसील कार्यालय, जबलपुर
  • निरीक्षणकर्ता: कलेक्टर राघवेंद्र सिंह
  • मामला: नजूल नामांतरण प्रकरणों में अनियमितताएं
  • निलंबित अधिकारी: राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया
  • तहसीलदार: कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
  • जांच दल: डिप्टी कलेक्टर मोनिका बाघमारे एवं प्रगति गनवीर
  • अन्य समीक्षा: तहसीलदार और एसडीएम न्यायालयों के राजस्व प्रकरण

औचक निरीक्षण में खंगालीं तहसीलदार न्यायालय की फाइलें

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आधारताल तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार न्यायालय और अनुविभागीय राजस्व अधिकारी न्यायालय में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की।

उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, लंबित मामलों और न्यायालयों में संधारित अभिलेखों का परीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से नजूल नामांतरण से संबंधित फाइलों की जांच की गई।

निरीक्षण में अपर कलेक्टर रविशंकर राय, संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन और अनुविभागीय राजस्व अधिकारी आधारताल मदन सिंह रघुवंशी भी उपस्थित थे।

उचित समन शुल्क जमा कराए बिना किए जा रहे थे नामांतरण

तहसीलदार न्यायालय में नजूल नामांतरण की फाइलों का परीक्षण करते समय कलेक्टर ने पाया कि कुछ प्रकरणों में नियमानुसार उचित समन शुल्क जमा कराए बिना नामांतरण की कार्रवाई की जा रही थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मामलों में अनुज्ञप्ति संबंधी उल्लंघन के बावजूद मात्र एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर नामांतरण किए जा रहे थे।

कलेक्टर ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जांच में सामने आया प्रमुख मुद्दा

नजूल नामांतरण के कुछ प्रकरणों में निर्धारित समन शुल्क की वसूली सुनिश्चित किए बिना केवल एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर कार्रवाई की जा रही थी। कलेक्टर ने ऐसे मामलों की विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।

राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया निलंबित

नामांतरण प्रकरणों में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया को निलंबित कर दिया।

इसके साथ ही संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह कार्रवाई राजस्व प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क संबंधी नियमों के पालन में पाई गई कमियों के संदर्भ में की गई है।

दो डिप्टी कलेक्टर करेंगी नजूल नामांतरण प्रकरणों की जांच

कलेक्टर ने आधारताल तहसील न्यायालय में नजूल नामांतरण से संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए विशेष दल भी गठित किया है।

इस दल में डिप्टी कलेक्टर मोनिका बाघमारे और डिप्टी कलेक्टर प्रगति गनवीर को शामिल किया गया है।

जांच दल को नजूल नामांतरण प्रकरणों की फाइलों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच में संबंधित प्रकरणों में अपनाई गई प्रक्रिया और शुल्क संबंधी तथ्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण रहेगा।

नामांतरण से पहले 0.5 प्रतिशत समन शुल्क जमा कराने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पिछले महीने के कुछ नामांतरण प्रकरणों के साथ ही निरस्त किए गए मामलों का भी परीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में, जहां अनावेदक पहले से मौजूद हैं, नामांतरण करने से पहले नियमानुसार 0.5 प्रतिशत समन शुल्क जमा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों में लागू नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है।

एसडीएम न्यायालय के राजस्व अभिलेखों की भी समीक्षा

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आधारताल स्थित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी न्यायालय का भी निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने न्यायालय में संधारित राजस्व अभिलेखों, प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया और राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

कलेक्टर ने लंबित फाइलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए।

अब जांच रिपोर्ट पर रहेंगी निगाहें

आधारताल तहसील में नजूल नामांतरण प्रकरणों को लेकर की गई इस कार्रवाई के बाद अब गठित जांच दल की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित प्रकरणों में निर्धारित प्रक्रिया का किस स्तर पर पालन नहीं किया गया और कितने मामलों में अनियमितताएं सामने आती हैं।

फिलहाल प्रशासन ने राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया है और संबंधित तहसीलदार से जवाब मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

नामांतरण की फाइलों में गड़बड़ी, प्रशासन की सख्ती

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के औचक निरीक्षण में आधारताल तहसील के नजूल नामांतरण प्रकरणों में समन शुल्क संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। राजस्व निरीक्षक अंबकेश्वरधर बड़गैया को निलंबित किया गया है। संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि दो सदस्यीय जांच दल प्रकरणों की पड़ताल करेगा।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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