तीन दिन बंद रहेंगे बैंक! 5-डे वर्किंग नहीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
5-डे वीक की मांग को लेकर बैंककर्मियों की हड़ताल; करीब 40 हजार अधिकारी-कर्मचारी काम से दूर, चेक क्लीयरेंस और शाखाओं की सेवाएं प्रभावित
सच की दुनिया – भोपाल।
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं, जब प्रदेशभर के बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर
एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए।
सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने यानी
5-डे वीक की प्रमुख मांग को लेकर राज्य के करीब
40 हजार अधिकारी और कर्मचारी काम से दूर बताए गए हैं।
आम जनता पर सीधा असर, बैंकिंग सेवाएं प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आयोजित आंदोलन का सीधा असर बैंक शाखाओं के नियमित कामकाज पर पड़ा।
हड़ताल के कारण बड़ी राशि के शाखा आधारित लेनदेन, चेक जमा करने, ड्राफ्ट बनवाने और क्लीयरेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुईं।
इन बैंकिंग सेवाओं पर असर
◆ चेक जमा और क्लीयरेंस
◆ बैंक ड्राफ्ट से जुड़े काम
◆ शाखा आधारित बड़े लेनदेन
◆ अन्य काउंटर सेवाएं
वार्ता में नहीं बनी सहमति, हड़ताल पर गए बैंककर्मी
कर्मचारी संगठनों के अनुसार हड़ताल से पहले प्रबंधन और यूनियनों के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई,
लेकिन सर्वसम्मत समाधान नहीं निकलने के कारण यूनियनों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया।
सभी शनिवार छुट्टी की मांग, सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग है कि सभी शनिवारों को अवकाश घोषित कर
पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू की जाए।
मौजूदा व्यवस्था के तहत सामान्यतः दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है।
कर्मचारियों का कहना है कि सभी शनिवारों की छुट्टी की भरपाई के लिए वे सोमवार से शुक्रवार तक
प्रतिदिन करीब 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए तैयार हैं,
ताकि कुल कार्य घंटों का नुकसान न हो।
मांग नहीं मानी तो और बड़ा आंदोलन
कर्मचारी संगठनों ने रुख स्पष्ट करते हुए चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया,
तो आंदोलन का अगला चरण और व्यापक होगा।
शाखा बंद हो तो डिजिटल बैंकिंग का विकल्प
UPI, ATM और मोबाइल बैंकिंग से कर सकेंगे जरूरी काम
शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने के दौरान ग्राहक उपलब्धता के अनुसार UPI, मोबाइल बैंकिंग,
इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि बैंक-विशिष्ट और तकनीकी सेवाओं की उपलब्धता अलग-अलग हो सकती है।
बैंककर्मियों की मांग अब एक दिन की हड़ताल तक सीमित नहीं है।
संगठनों ने संकेत दिया है कि पांच दिवसीय बैंकिंग पर फैसला नहीं होने की स्थिति में
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।





