25 लाख के लोन के लिए बेटे ने पिता को बनाया मृतक, फिर खुद का भी करा लिया अंतिम संस्कार!

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🚨 बेटे ने पिता को कागजों में 'मार' डाला! 25 लाख का लोन लिया, फिर खुद को भी घोषित कर दिया मृत

📍 खिलचीपुर से सामने आया हैरान करने वाला मामला

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों और भरोसे दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां एक बेटे ने सरकारी दस्तावेजों में अपने पिता को मृत घोषित कर करीब 25 लाख रुपये का लोन हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, जब बैंक की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया तो उसने खुद को भी मृत साबित करने की कोशिश कर डाली।



😲 फोन कॉल से खुला फर्जीवाड़े का राज

पीड़ित दिनेश गुप्ता ने बताया कि उनकी शादी 34 वर्ष पहले बबीता से हुई थी। उनके दो बेटे यश और पवन हैं। परिवार में लगातार विवाद बढ़ने के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने अलग रहने का फैसला कर लिया था।

हाल ही में एक परिचित का फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनके बेटे ने लाखों रुपये का लोन ले रखा है। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि कहीं मकान या संपत्ति गिरवी तो नहीं रख दी गई।

🏦 बैंक पहुंचते ही पैरों तले खिसकी जमीन

18 मई को दिनेश गुप्ता आगर स्थित एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक पहुंचे और लोन से जुड़े दस्तावेज निकलवाए। फाइल देखते ही उनके होश उड़ गए। बैंक रिकॉर्ड में उनके नाम के आगे "स्वर्गीय" लिखा हुआ था।

जब उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि "मैं खुद आपके सामने जिंदा खड़ा हूं", तो बैंक कर्मचारी भी हैरान रह गए।

💰 दो बैंकों से लिया करीब 25 लाख रुपये का लोन

जानकारी के अनुसार आरोपी यश गुप्ता ने दो अलग-अलग बैंकों से करीब 25 लाख रुपये का लोन लिया। इसके लिए कथित तौर पर नगर परिषद के फर्जी दस्तावेज, नकली सील और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया।

दस्तावेजों में पहले मकान और दुकान को पिता के नाम दिखाया गया और फिर उन्हें मृत घोषित कर संपत्ति को मां और बेटे के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया।

🔥 बैंक से बचने के लिए खुद को भी दिखाया मृत!

मामले की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने बैंक नोटिस और कार्रवाई से बचने के लिए ब्यावरा के मुक्तिधाम से अपने ही अंतिम संस्कार की रसीद कटवा ली।

रसीद में कथित तौर पर 20 मार्च 2026 को अंतिम संस्कार होना दर्शाया गया था और पता आदर्श नगर कॉलोनी, ब्यावरा लिखा गया था।

⚖️ अब जांच एजेंसियों की नजर

मामला सामने आने के बाद दस्तावेजों की सत्यता, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति हस्तांतरण और कथित फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। पूरे मामले ने बैंकिंग सिस्टम और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

🚨 पिता को कागजों में मृत बताया, फिर खुद का भी करवा लिया अंतिम संस्कार!
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