दमोह में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही: प्रसूता के पेट में छोड़ दिया सर्जिकल ग्लव, 10 महीने तक तड़पती रही महिला
इलाज के लिए बेची 2 एकड़ जमीन, भोपाल में जांच के बाद खुली बड़ी मेडिकल लापरवाही
दमोह (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रसूता महिला के ऑपरेशन के बाद उसके पेट में सर्जिकल ग्लव ही छोड़ दिया गया, जिससे वह करीब 10 महीने तक असहनीय दर्द से तड़पती रही।
🔴 ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
तेजगढ़ क्षेत्र की रहने वाली महिला का 13 मई 2025 को दमोह जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान ऑपरेशन किया गया था। जटिलताओं के चलते नवजात की मौत हो गई और डॉक्टरों को महिला की बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इसके बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
🔍 भोपाल में जांच से खुला राज
महिला के पति मनोज के अनुसार, 18 फरवरी को वे पत्नी को लेकर भोपाल के एक निजी अस्पताल पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टर यह देखकर हैरान रह गए कि महिला के पेट में सर्जिकल ग्लव मौजूद है। इससे साफ हो गया कि दमोह जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान भारी चूक हुई थी।
🟢 दोबारा सर्जरी से मिली राहत
भोपाल के अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन कर महिला के पेट से ग्लव निकाला गया, जिसके बाद उसे राहत मिली। इस घटना ने पूरे चिकित्सा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
⚖️ डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत
परिजनों ने इस मामले में संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। भोपाल के कोहेफिजा थाने में डॉक्टर आर कुमार, डॉ. सीमा पटेल और डॉ. यू तंतुवाय के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
💸 इलाज में खर्च हुए लाखों रुपए
परिजनों के मुताबिक, पिछले करीब 10 महीनों में दमोह और जबलपुर के कई अस्पतालों में इलाज कराया गया। आयुष्मान कार्ड से कुछ मदद मिली, लेकिन इसके अलावा करीब 8 लाख रुपए खर्च हुए।
