भोपाल: भारतीय रेलवे ने चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए नया नियम लागू किया है। अब ट्रेन को जबरन रोकने वाले यात्रियों को महज 500 रुपये का जुर्माना नहीं बल्कि "डिटेंशन चार्ज" के रूप में भारी भरकम राशि भी चुकानी होगी। यह जुर्माना ट्रेन के ठहराव की अवधि के अनुसार बढ़ेगा, जिसकी दर 8,000 रुपये प्रति मिनट तय की गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों को अनावश्यक चेन पुलिंग करने से रोकने और ट्रेनों को समय पर चलाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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क्या है नया नियम?
नए नियम के अनुसार:
- बिना कारण चेन पुलिंग पर 500 रुपये का जुर्माना।
- ट्रेन ठहराव का खर्च: 8,000 रुपये प्रति मिनट।
- उदाहरण के लिए, यदि ट्रेन 5 मिनट रुकी, तो यात्री को 40,500 रुपये का भुगतान करना होगा।
- ट्रेन को दोबारा शुरू करने में लगने वाले अतिरिक्त समय को ध्यान में रखते हुए जुर्माने की राशि बढ़ सकती है।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चेन पुलिंग से ट्रेन संचालन बाधित होता है, जिससे अन्य ट्रेनों पर भी असर पड़ता है। हर मिनट की देरी रेलवे को आर्थिक और व्यवस्थागत नुकसान पहुंचाती है।
आंकड़ों से समझें सख्ती की वजह
भोपाल रेल मंडल के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में 1,262 चेन पुलिंग मामलों में कार्रवाई की गई है, जिससे रेलवे ने 2,90,775 रुपये का जुर्माना वसूला है। इन मामलों ने रेलवे को इस समस्या से निपटने के लिए और सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया।
अनावश्यक चेन पुलिंग पर रोकथाम के प्रयास
रेलवे के मुताबिक, चेन पुलिंग के दौरान यात्री अक्सर ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए नई व्यवस्था के तहत:
- ट्रेन से उतरने या चढ़ने की कोशिश करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- रेलवे स्टाफ अब निगरानी के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतेगा।
किन स्थितियों में मिलेगी छूट?
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में चेन पुलिंग पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
- जान जोखिम में होने पर: यदि किसी यात्री को गिरने या गंभीर दुर्घटना से बचाने के लिए चेन पुलिंग की जाए।
- बच्चों और बुजुर्गों का मामला:
- 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, यदि वे ट्रेन में चढ़ने से छूट गए हों और यह आवश्यक हो कि वे उस ट्रेन में यात्रा करें।
इन मामलों में, जुर्माने से छूट तभी मिलेगी जब यह प्रमाणित हो कि चेन पुलिंग वाजिब कारणों से की गई थी।
यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे चेन पुलिंग का सहारा केवल आपातकालीन स्थितियों में ही लें। रेलवे की इस सख्ती का उद्देश्य यात्रियों की सहूलियत में कटौती करना नहीं, बल्कि ट्रेन संचालन को व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है।
नियम का प्रभाव
रेलवे के इस कदम से:
- चेन पुलिंग की घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
- ट्रेनें समय पर चलेंगी, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।
- रेलवे को होने वाले आर्थिक नुकसान में भी गिरावट आएगी।
इस सख्त नीति का प्रभाव आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। हालांकि, इसे यात्रियों का कितना समर्थन मिलता है और यह कितना प्रभावी साबित होता है, यह देखने वाली बात होगी।
