नए संसद भवन का डिजाइन तैयार हो चुका है. एक रिपोर्ट की माने तो यह भवन बड़ा ही भव्य बनाया जा रहा है. इसमें 120 दफ्तरों के लिए जगह, म्यूजियम ग्रेड फीचर के साथ गैलरी, छह एग्जिट शामिल हैं. इसका निर्माण कार्य दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. टाटा प्रोजेक्ट्स को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए नए संसद भवन के निर्माण का ठेका दिया गया है, जिसके 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है.
सेंट्रल विस्टा को फिर से डिज़ाइन करने के लिए अनुबंध हासिल करने वाले एचसीपी डिज़ाइन, पलानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार नई संसद में चार मंजिलें होंगी, जिसमें लोअर ग्राउंड, अपर ग्राउंड, फर्स्ट और सेकंड फ्लोर शामिल हैं. इसमें सांसदों के लिए रीडिंग रूम भी शामिल होगा.
एचसीपी अधिकारियों ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्रालय, लोकसभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय के प्रमुख कार्यालय; प्रधान मंत्री कार्यालय, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए कार्यालय नई संसद में रखे जाएंगे. वर्तमान भवन में बने रहने वाले कुछ दफ्तर- संसदीय कार्य मंत्रालय, लोकसभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय के अतिरिक्त कार्यालय हैं. एचसीपी के डिजाइन के अनुसार नए संसद भवन में छह प्रवेश द्वार होंगे. राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के लिए एक औपचारिक प्रवेश द्वार, एक लोकसभा के अध्यक्ष के लिए, एक राज्य सभा के अध्यक्ष के लिए प्रवेश द्वारा होंगे.
नए लोकसभा हॉल की अधिकतम क्षमता संयुक्त सत्र के लिए 1,272 सीटें होंगी. यह 3,015 वर्गमीटर में बनेगा, जो वर्तमान में 1145 वर्गमीटर है. राज्य सभा का क्षेत्रफल 3,220 वर्गमीटर होगा, जबकि पुराने भवन में वर्तमान 1,232 वर्गमीटर है. इसमें वर्तमान 245 की तुलना में 384 सीटें अधिक होंगी. एचसीपी अधिकारी ने कहा कि सांसदों को दो सीटर वाली बेंचों में बैठाया जाएगा.
