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उत्तरकाशी में भूकंप से दहशत: रात 8:07 बजे 4.2 तीव्रता के झटके, घरों से बाहर निकले लोग; चार दिन में दूसरी बार कांपी धरती

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक बार फिर भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। शनिवार रात करीब 8 बजकर 7 मिनट पर जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 बताई गई है। झटकों के दौरान घरों में रखे टीवी और अन्य सामान हिलने लगे, जिससे घबराए लोग घरों से बाहर निकल आए। यमुनोत्री घाटी के खरसाली गांव में भी भूकंप महसूस किए जाने की सूचना है। चार दिनों के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

उत्तरकाशी में भूकंप से दहशत: रात 8:07 बजे 4.2 तीव्रता के झटके, घरों से बाहर निकले लोग; चार दिन में दूसरी बार कांपी धरती
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उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से हड़कंप, रात 8:07 बजे कांपी धरती

4.2 तीव्रता का भूकंप आने की खबर, चार दिनों में दूसरी बार झटके; घरों से बाहर निकले लोग।

देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात अचानक भूकंप के झटके महसूस किए जाने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में रात करीब 8 बजकर 7 मिनट पर धरती हिलने की खबर सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.2 बताई जा रही है।

भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक झटके इतने स्पष्ट थे कि घरों में रखे टीवी और अन्य सामान हिलते हुए महसूस हुए। अचानक हुई इस घटना से लोगों में डर का माहौल बन गया।

भूकंप से जुड़ी प्रमुख जानकारी
4.2
बताई गई तीव्रता
8:07 PM
झटके महसूस होने का समय
2
चार दिन में बताई गई घटनाएं

भूकंप के आधिकारिक केंद्र, गहराई और परिमाण की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।

टीवी देख रहे थे लोग, अचानक हिलने लगा घर का सामान

स्थानीय लोगों के अनुसार रात करीब आठ बजे का समय होने के कारण अधिकांश परिवार अपने घरों में मौजूद थे। कई लोग टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झटकों के दौरान घरों में रखे टीवी और अन्य सामान में कंपन महसूस हुआ। पहले कुछ लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन भूकंप की आशंका होते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे।

कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि वे दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शन से संबंधित समाचार देख रहे थे। इसी दौरान अचानक धरती हिलने का एहसास हुआ और परिवार के सदस्य घबराकर घरों से बाहर आ गए।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से यमुनोत्री घाटी तक महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके केवल उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार आसपास के इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया।

यमुनोत्री घाटी के खरसाली गांव में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक भूकंप आने से स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई।

हालांकि झटके कितनी दूर तक महसूस किए गए और भूकंप का वास्तविक केंद्र कहां था, इसकी पुष्टि आधिकारिक भूकंपीय आंकड़ों से ही हो सकेगी।

चार दिन में दूसरी बार भूकंप, स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता

उत्तरकाशी में चार दिनों के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

लोगों का कहना है कि रात के समय अचानक आने वाले झटकों से परिवारों में भय की स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाले परिवारों को ऐसी परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है।

हालांकि लगातार दो भूकंप आने का अर्थ यह नहीं है कि किसी बड़े भूकंप का आना निश्चित है। भूकंप के समय, स्थान और तीव्रता का सटीक पूर्वानुमान वर्तमान वैज्ञानिक तकनीक से संभव नहीं है।

भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड का हिमालयी क्षेत्र

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियाई विवर्तनिक प्लेटों की परस्पर गतिविधियों के कारण भूकंपीय सक्रियता बनी रहती है।

उत्तरकाशी सहित प्रदेश के कई पर्वतीय जिले भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में भवन निर्माण के दौरान भूकंपरोधी मानकों का पालन और नागरिकों में आपदा संबंधी जागरूकता विशेष महत्व रखती है।

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप से होने वाले नुकसान का स्तर केवल तीव्रता पर निर्भर नहीं करता, बल्कि भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों और भवनों की मजबूती भी महत्वपूर्ण होती है।

भूकंप आने पर क्या करें?
  • झटकों के दौरान: नीचे झुकें, मजबूत मेज के नीचे सिर और गर्दन ढककर आश्रय लें तथा पकड़ बनाए रखें।
  • घबराकर न भागें: कंपन जारी रहने पर इमारत के भीतर से सीढ़ियों की ओर दौड़ने से बचें।
  • लिफ्ट का उपयोग न करें: भूकंप के दौरान और तुरंत बाद लिफ्ट से बचें।
  • खुले स्थान पर हों: इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
  • झटके रुकने के बाद: भवन क्षतिग्रस्त होने की आशंका हो तो सावधानी से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थान पर जाएं।
  • आधिकारिक सूचना: स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

नुकसान की आधिकारिक जानकारी का इंतजार

भूकंप के बाद किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को हुए नुकसान का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए नुकसान नहीं होने की अंतिम पुष्टि भी फिलहाल नहीं की जा सकती।

भूकंप के वास्तविक केंद्र, गहराई और दर्ज परिमाण की पुष्टि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक विवरण से होगी।

उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, सतर्कता जरूरी

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में रात करीब 8:07 बजे भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर है। तीव्रता 4.2 बताई गई है। यमुनोत्री घाटी के खरसाली गांव में भी कंपन महसूस होने की सूचना मिली है। चार दिनों में दूसरी बार भूकंप आने की खबर से स्थानीय लोगों में चिंता है। भूकंप के केंद्र और नुकसान की आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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