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MRPL Blast: मंगलुरु रिफाइनरी में हाई-प्रेशर सेपरेटर फटा, एक कर्मचारी की मौत; 9 घायल, कई किलोमीटर तक महसूस हुआ धमाका

कर्नाटक के मंगलुरु स्थित Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) में 30 सितंबर को हुए शक्तिशाली धमाके और आग की घटना में नवीनतम जानकारी के अनुसार एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की मौत हुई है और नौ अन्य घायल हुए हैं। 30 वर्षीय मनीष करकरा की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 42 वर्षीय राजेश गंभीर रूप से झुलसे हैं और आठ अन्य को मामूली चोटें आई हैं। प्रारंभिक आधिकारिक जानकारी के मुताबिक Coker Hydrotreater Unit में उच्च दबाव पर काम कर रहा Cold Separator फटने के बाद आग लगी। धमाके का असर जोकट्टे सहित आसपास के इलाकों और मंगलुरु एयरपोर्ट के पास तक महसूस किया गया।

MRPL Blast: मंगलुरु रिफाइनरी में हाई-प्रेशर सेपरेटर फटा, एक कर्मचारी की मौत; 9 घायल, कई किलोमीटर तक महसूस हुआ धमाका

मंगलुरु। कर्नाटक के मंगलुरु में बुधवार को Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) के परिसर में हुए शक्तिशाली धमाके ने आसपास के कई इलाकों को हिला दिया। धमाके के बाद रिफाइनरी से काले धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया और परिसर में आग लग गई।

घटना को लेकर शुरुआती सूचनाओं में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही थी, लेकिन बाद में सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की मौत हुई है, जबकि नौ अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसा है और आठ अन्य को मामूली चोटें आई हैं।

MRPL में धमाका: एक की मौत, 9 घायल
Coker Hydrotreater Unit में उच्च दबाव पर काम कर रहे Cold Separator के फटने के बाद आग लगी। धमाके की आवाज और कंपन रिफाइनरी से दूर कई इलाकों तक महसूस किए गए।

हाई-प्रेशर Cold Separator फटने के बाद लगी आग

MRPL की ओर से दी गई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना Coker Hydrotreater Unit (CHT) में हुई। यूनिट में उच्च दबाव पर काम कर रहे Cold Separator के rupture होने के बाद आग भड़क गई।

घटना के तुरंत बाद प्रभावित यूनिट को अलग किया गया और MRPL की इमरजेंसी रिस्पॉन्स तथा फायर फाइटिंग टीमों को आग बुझाने के काम में लगाया गया। बाद में आग को नियंत्रण में ले लिया गया, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर कूलिंग और अन्य आवश्यक कार्रवाई जारी रखी गई।

30 वर्षीय कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की मौत

हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी की पहचान 30 वर्षीय मनीष करकरा के रूप में सामने आई है। वे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी बताए गए हैं। धमाके के बाद राहत और बचाव अभियान के दौरान उनका शव मिला।

इसके अलावा 42 वर्षीय राजेश गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आठ अन्य लोगों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

हादसे की अब तक की प्रमुख जानकारी
स्थान: MRPL रिफाइनरी, मंगलुरु
प्रभावित यूनिट: Coker Hydrotreater Unit
मौत: 1 कर्मचारी
घायल: 9 लोग
प्रारंभिक कारण: हाई-प्रेशर Cold Separator का rupture

धमाके के बाद आसमान में छाया काला धुआं

धमाका इतना तेज था कि इसके बाद रिफाइनरी से उठ रहा घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। आसपास रहने वाले लोगों ने तेज आवाज के साथ झटके महसूस किए। घटना के बाद कुछ समय के लिए आसपास के इलाकों में चिंता और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

फायर फाइटिंग और इमरजेंसी टीमों ने प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करते हुए आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। बाद में अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया।

जोकट्टे में टूटे शीशे, एयरपोर्ट के पास तक महसूस हुआ असर

धमाके का असर MRPL परिसर से बाहर भी महसूस किया गया। जोकट्टे और आसपास के इलाकों में कई लोगों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां हिलने की जानकारी दी। कुछ स्थानों पर शीशे टूटने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं।

मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास भी धमाके की आवाज और कंपन महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई। तेज धमाके के कारण आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई।

आग पर पाया गया काबू, प्रभावित यूनिट को किया अलग

MRPL की इमरजेंसी टीम ने घटना के बाद प्रभावित यूनिट को तत्काल आइसोलेट किया। आग पर नियंत्रण पाने के लिए रिफाइनरी की फायर फाइटिंग टीमों के साथ अन्य आपात सेवाओं को भी सक्रिय किया गया।

आग नियंत्रण में आने के बाद भी प्रभावित हिस्से में सुरक्षा प्रक्रिया जारी रखी गई, ताकि दोबारा आग भड़कने अथवा किसी अन्य खतरे की आशंका को कम किया जा सके।

अब हादसे की विस्तृत जांच पर नजर
Cold Separator किस वजह से फटा और तकनीकी स्तर पर किन परिस्थितियों के कारण घटना हुई, इसकी विस्तृत जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।

सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी कारणों की होगी जांच

प्रारंभिक तौर पर घटना को हाई-प्रेशर Cold Separator के rupture से जोड़ा गया है, लेकिन उपकरण में यह खराबी क्यों आई, इसका विस्तृत कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

ऐसे में जांच का फोकस उपकरण की तकनीकी स्थिति, संचालन परिस्थितियों, मेंटेनेंस और घटना के समय मौजूद अन्य परिस्थितियों पर रहने की संभावना है। जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की लापरवाही या जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा।

घटना के बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घायलों का इलाज जारी है और हादसे के कारणों तथा हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण: घटना को लेकर शुरुआती घंटों में मृतकों और घायलों की संख्या संबंधी अलग-अलग सूचनाएं सामने आई थीं। यहां नवीनतम उपलब्ध जानकारी के आधार पर एक मौत और नौ घायलों का विवरण दिया गया है। हादसे के तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच जारी है।
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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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