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भारतीय सेना को मिले 450 नागास्त्र-1R ड्रोन, सोलर डिफेंस ने एक ही खेप में पूरी की बड़ी आपूर्ति

भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने 450 नागास्त्र-1R लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की एकमुश्त आपूर्ति पूरी करने की जानकारी दी है। कंपनी का दावा है कि भारतीय सेना को किसी निर्माता द्वारा एक ही खेप में दी गई इस श्रेणी के हथियारों की यह सबसे बड़ी आपूर्ति है। सेना ने आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत इन ड्रोन का ऑर्डर दिया था। कंपनी के अनुसार, मार्च 2025 में महाराष्ट्र में आयोजित तकनीकी परीक्षणों में चार कंपनियों ने भाग लिया था, जिनमें SDAL सभी निर्धारित परिचालन मानकों पर सफल रही। नागास्त्र-1R को सीमित दूरी के सैन्य अभियानों में सटीक हमले के लिए विकसित किया गया है। इसकी विशेषताओं में मिशन बीच में रद्द करने और ड्रोन को वापस प्राप्त करने की क्षमता भी शामिल बताई गई है। स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में इस आपूर्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

INDIAN DEFENCE NEWS | NAGASTRA-1R

भारतीय सेना को मिले 450 नागास्त्र-1R ड्रोन, स्वदेशी रक्षा तकनीक को बड़ी उपलब्धि

सोलर डिफेंस ने एक ही खेप में पूरी की आपूर्ति, आपातकालीन खरीद के तहत सेना ने दिया था ऑर्डर।

नई दिल्ली। भारतीय सेना की मारक क्षमता और आधुनिक युद्धक तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में स्वदेशी रक्षा उद्योग से महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने भारतीय सेना को एक ही खेप में 450 नागास्त्र-1R लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की आपूर्ति पूरी करने की जानकारी दी है।

कंपनी के अनुसार, किसी भी निर्माता द्वारा भारतीय सेना को एक बार में दी गई लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों की यह सबसे बड़ी खेप है। सेना ने इन ड्रोन की खरीद का आदेश आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत दिया था।

नागास्त्र-1R को सेना की विशेष परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह प्रणाली सीमित दूरी के अभियानों में सटीक निशाना लगाने में सक्षम है और आवश्यकता पड़ने पर मिशन रद्द कर ड्रोन को सुरक्षित वापस लाने का विकल्प भी प्रदान करती है।

नागास्त्र-1R की प्रमुख बातें
450
ड्रोन की आपूर्ति
1R
नागास्त्र का संस्करण
स्वदेशी
रक्षा प्रणाली

एक ही खेप में 450 ड्रोन की आपूर्ति, कंपनी ने बताया नया रिकॉर्ड

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड के मुताबिक, भारतीय सेना को नागास्त्र-1R की 450 इकाइयां एक साथ उपलब्ध कराई गई हैं। कंपनी का दावा है कि लोइटरिंग म्यूनिशन की इतनी बड़ी एकमुश्त आपूर्ति इससे पहले किसी निर्माता ने भारतीय सेना को नहीं की थी।

इस आपूर्ति को देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत मिले आदेश को पूरा करने के लिए उत्पादन और आपूर्ति से संबंधित तैयारियां की गई थीं।

मार्च 2025 के तकनीकी परीक्षणों में चार कंपनियों ने लिया था हिस्सा

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में महाराष्ट्र स्थित सैन्य परीक्षण केंद्र में लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों के तकनीकी परीक्षण आयोजित किए गए थे। इनमें चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था।

SDAL का कहना है कि परीक्षणों के दौरान निर्धारित परिचालन मानकों पर उसकी प्रणाली सफल रही। कंपनी के अनुसार, प्रतिस्पर्धी परीक्षणों में केवल उसकी प्रणाली सभी आवश्यक मानकों पर खरी उतरी।

इन परीक्षणों में ड्रोन की परिचालन क्षमता, लक्ष्य पर सटीकता और सैन्य उपयोगिता जैसे पहलुओं का आकलन किया गया।

क्या है नागास्त्र-1R और कैसे काम करता है लोइटरिंग म्यूनिशन?

नागास्त्र-1R एक लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणाली है। इस श्रेणी के मानवरहित विमान लक्ष्य क्षेत्र में कुछ समय तक उड़ान भर सकते हैं और उपयुक्त लक्ष्य मिलने पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

ऐसी प्रणालियों को सामान्य भाषा में कामिकाजे ड्रोन भी कहा जाता है। इनका उपयोग सैन्य अभियानों में सीमित दूरी पर मौजूद लक्ष्यों के विरुद्ध किया जा सकता है।

नागास्त्र-1R को भारतीय सेना की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जाने की जानकारी दी गई है। कंपनी के अनुसार, इसके डिजाइन में सटीकता और परिचालन नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मिशन रद्द करने और ड्रोन वापस लाने की क्षमता

नागास्त्र-1R की प्रमुख विशेषताओं में मिशन को बीच में रोकने का विकल्प शामिल बताया गया है। कंपनी के मुताबिक, आवश्यक परिस्थितियों में ऑपरेटर मिशन रद्द कर ड्रोन को वापस प्राप्त कर सकता है।

यह सुविधा पारंपरिक एकबारगी इस्तेमाल होने वाली कुछ लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों की तुलना में अलग परिचालन विकल्प उपलब्ध कराती है।

कंपनी का दावा है कि विभिन्न लाइव परीक्षणों के दौरान प्रणाली की लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने की क्षमता का आकलन किया गया।

नागास्त्र-1R की बताई गई विशेषताएं
  • सीमित दूरी के सैन्य अभियानों के लिए विकसित प्रणाली।
  • लक्ष्य पर सटीक हमला करने की क्षमता का कंपनी का दावा।
  • मिशन बीच में रद्द करने का विकल्प।
  • आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन वापस प्राप्त करने की सुविधा।
  • भारतीय सेना की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप डिजाइन।

सोलर इंडस्ट्रीज और इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव्स की स्वदेशी तकनीक

नागास्त्र-1 परियोजना को स्वदेशी रक्षा निर्माण के महत्वपूर्ण प्रयासों में शामिल किया जाता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, नागास्त्र-1 का डिजाइन और विकास नागपुर स्थित सोलर इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी इकोनॉमिक्स एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (EEL) ने बेंगलुरु की जेड-मोशन के सहयोग से किया था।

कंपनी ने नागास्त्र-1 में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री होने की जानकारी दी है। हालांकि यह आंकड़ा मूल नागास्त्र-1 प्रणाली से संबंधित है; नागास्त्र-1R संस्करण में स्वदेशी सामग्री का अलग प्रतिशत उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।

स्वदेशी तकनीक और घरेलू उत्पादन क्षमता के विस्तार को रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

आधुनिक युद्ध में तेजी से बढ़ रहा ड्रोन तकनीक का महत्व

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के अनेक संघर्षों में मानवरहित विमान और लोइटरिंग म्यूनिशन का उपयोग बढ़ा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, आर्मेनिया-अजरबैजान संघर्ष और पश्चिम एशिया की विभिन्न सैन्य घटनाओं ने ड्रोन आधारित प्रणालियों की भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा है।

इन प्रणालियों का उपयोग निगरानी, लक्ष्य की पहचान और कुछ परिस्थितियों में सटीक हमलों के लिए किया जाता है।

रक्षा उद्योग में कम लागत वाली और विभिन्न सैन्य परिस्थितियों के अनुकूल प्रणालियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग बढ़ाने की तैयारी

SDAL के अनुसार, कंपनी अपनी लोइटरिंग म्यूनिशन प्रणालियों की आपूर्ति और संभावित तैनाती का दायरा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों के साथ दीर्घकालिक सहयोग विकसित करने तथा भविष्य की सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रणालियों के विकास की दिशा में काम करने की योजना बना रही है।

इस प्रकार के प्रयासों से घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन, तकनीकी विकास और आपूर्ति क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में बड़ी आपूर्ति

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने भारतीय सेना को 450 नागास्त्र-1R लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन की एकमुश्त आपूर्ति पूरी करने की जानकारी दी है। कंपनी ने इसे अपनी अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया है। इस आपूर्ति से सेना की आधुनिक मानवरहित युद्धक प्रणालियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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