SIR के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, चार FIR दर्ज; जंतर-मंतर से CJP नेता हिरासत में
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन, निषेधाज्ञा उल्लंघन का पुलिस का आरोप।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन के संबंध में पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे सीजेपी नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन हुआ। दूसरी ओर प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं।
- 12 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर चार एफआईआर दर्ज होने की जानकारी।
- तिलक मार्ग थाने में दो एफआईआर।
- मंदिर मार्ग थाने में एक एफआईआर।
- बाराखंभा थाने में एक एफआईआर।
- पुलिस के अनुसार बीएनएसएस धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन।
- जंतर-मंतर से आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में लिए गए।
चार थानों में नहीं, तीन थानों में दर्ज हुईं चार एफआईआर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 12 अक्टूबर को नई दिल्ली क्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से दो मामले तिलक मार्ग थाने में दर्ज किए गए हैं, जबकि मंदिर मार्ग और बाराखंभा थाने में एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि कनॉट प्लेस क्षेत्र में भी निषेधाज्ञा उल्लंघन से जुड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और कथित उल्लंघनों की जांच कर रही है।
जंतर-मंतर पर आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में
इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे सीजेपी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। दोनों नेताओं की हिरासत की खबर सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
इंस्टाग्राम वीडियो में दिखे दोनों नेता, संविधान की प्रति भी आई नजर
हिरासत में लिए गए सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उनके साथ आशुतोष रांका भी दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में आशुतोष रांका यह कहते नजर आते हैं कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जंतर-मंतर पर भी उठाई जाएगी। वहीं सौरव दास अपने साथ भारतीय संविधान की एक प्रति रखे दिखाई देते हैं।
हिरासत में लिए गए कुछ प्रदर्शनकारी बस के भीतर 'भारत माता की जय' और 'जय भीम, जय भीम' के नारे लगाते नजर आए।
क्या है बीएनएसएस की धारा 163?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट तात्कालिक परिस्थितियों में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति व्यवस्था और संभावित खतरे को देखते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकता है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संबंधित इलाके में पहले से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे और प्रदर्शन के दौरान उनका उल्लंघन किया गया। हालांकि पुलिस के आरोपों और संबंधित मामलों में कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
SIR को लेकर विपक्ष और संगठनों का विरोध
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर इंडिया गठबंधन तथा विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में स्पष्टीकरण और पक्ष भी सामने आते रहे हैं।
12 अक्टूबर को भी नई दिल्ली क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके बाद पुलिस ने संबंधित घटनाओं को लेकर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की।
पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन के अधिकार पर बहस
दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन का सवाल भी चर्चा में है।
भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण और बिना हथियार एकत्र होने का अधिकार देता है, हालांकि यह अधिकार कानून के तहत लागू उचित प्रतिबंधों के अधीन है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने 12 अक्टूबर की घटनाओं के संबंध में चार एफआईआर दर्ज की हैं। जंतर-मंतर पर सीजेपी नेताओं की हिरासत के बाद प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।



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