गणित का सवाल हल नहीं कर पाया छात्र, शिक्षक पर डंडे से पिटाई का आरोप
लांजी के सरकारी स्कूल में पांचवीं के छात्र की पीठ पर चोट के निशान, अस्पताल में उपचार; पुलिस को भेजी गई सूचना।
बालाघाट/लांजी। जिले के लांजी क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव-क स्थित विष्णुटोला शासकीय प्राथमिक शाला में कक्षा पांचवीं के एक छात्र के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने विद्यालय के शिक्षक रूपचंद खरे पर गणित का सवाल हल नहीं कर पाने के कारण बच्चे की लकड़ी की छड़ी से पिटाई करने का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार, पिटाई से छात्र कृष्णा घोरमारे की पीठ पर गहरे चोट के निशान पड़ गए। बुधवार दोपहर की बताई जा रही इस घटना के बाद रात में छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसे सिविल अस्पताल लांजी में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
- जिला: बालाघाट, मध्यप्रदेश
- क्षेत्र: लांजी, बड़गांव-क
- विद्यालय: विष्णुटोला शासकीय प्राथमिक शाला
- छात्र: कृष्णा घोरमारे, कक्षा पांचवीं
- आरोपित शिक्षक: रूपचंद खरे
- आरोप: गणित का सवाल हल नहीं करने पर छड़ी से मारपीट
- उपचार: सिविल अस्पताल लांजी
- पुलिस: अस्पताल से सूचना भेजे जाने की जानकारी
गणित का सवाल नहीं बना तो पिटाई करने का आरोप
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर विद्यालय में पढ़ाई के दौरान छात्र कृष्णा घोरमारे गणित का एक सवाल हल नहीं कर पाया। आरोप है कि इसी बात पर शिक्षक रूपचंद खरे नाराज हो गए और उन्होंने छात्र की लकड़ी की छड़ी से पिटाई कर दी।
परिवार का कहना है कि मारपीट के कारण बच्चे की पीठ पर कई स्थानों पर चोट के गहरे निशान पड़ गए। घटना के बाद छात्र स्कूल से घर लौट आया, लेकिन उसने शुरुआत में किसी को कुछ नहीं बताया।
कपड़े बदलते समय दादी ने देखे पीठ पर निशान
मामले का खुलासा छात्र के घर पहुंचने के बाद हुआ। उसकी दादी प्रमिला घोरमारे ने स्कूल के कपड़े धोने के लिए मांगे। जब कृष्णा ने अपनी शर्ट उतारी तो उसकी पीठ पर चोट के निशान देखकर दादी चिंतित हो गईं।
परिजनों ने बच्चे से चोट लगने का कारण पूछा। परिवार के अनुसार, इस दौरान छात्र रोने लगा और उसने विद्यालय में हुई कथित मारपीट के बारे में बताया।
छात्र ने परिजनों को यह भी बताया कि शिक्षक ने उसे घटना की जानकारी घर पर किसी को नहीं देने के लिए कहा था। यह दावा छात्र और उसके परिजनों के कथन पर आधारित है।
दादी ने शिक्षक से की शिकायत, जवाब पर जताई नाराजगी
बच्चे की पीठ पर चोट के निशान देखने के बाद दादी प्रमिला घोरमारे शिक्षक रूपचंद खरे के घर शिकायत करने पहुंचीं।
परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने मारपीट की बात स्वीकार नहीं की और बच्चे के गिरने से चोट लगने की संभावना जताई।
शिक्षक की ओर से इस संबंध में स्वतंत्र रूप से दर्ज किया गया आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए परिजनों के आरोप और शिक्षक के कथित जवाब की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रात में बिगड़ी हालत, सिविल अस्पताल लांजी में भर्ती
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद देर रात छात्र की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिवार उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल लांजी लेकर पहुंचा।
अस्पताल में चिकित्सकों ने छात्र की जांच कर उपचार शुरू किया। परिजनों ने डॉक्टरों को विद्यालय में कथित मारपीट और चोट लगने की पूरी जानकारी दी।
चोटों की चिकित्सकीय प्रकृति और छात्र की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत मेडिकल विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
अस्पताल ने पुलिस को भेजी सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र के शरीर पर चोट के निशान मिलने और परिजनों द्वारा मारपीट की शिकायत किए जाने के बाद सिविल अस्पताल लांजी प्रबंधन ने मामले की सूचना लांजी थाना पुलिस को भेजी।
अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा घटनाक्रम की जानकारी जुटाने तथा छात्र और परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया की बात सामने आई है।
फिलहाल इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने, शिक्षक के विरुद्ध किसी विशिष्ट धारा के तहत प्रकरण कायम होने या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
शिक्षा विभाग की जांच पर भी नजर
सरकारी विद्यालय में छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के स्तर पर भी जांच किए जाने की जानकारी मिली है।
जांच में विद्यालय में घटना के समय मौजूद व्यक्तियों के बयान, छात्र और उसके परिवार की शिकायत तथा चिकित्सकीय दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
विभागीय जांच शुरू होने, किसी अधिकारी को जांच सौंपे जाने अथवा शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधिकारिक आदेश अभी उपलब्ध नहीं है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 के तहत बच्चों को शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न देना प्रतिबंधित है। किसी छात्र के साथ मारपीट के आरोप की जांच में संबंधित कानून और परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चे की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच जरूरी
इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाना या पढ़ाई में कठिनाई होना बच्चे को शारीरिक दंड देने का आधार नहीं हो सकता।
अब पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच से स्पष्ट होगा कि छात्र को चोटें किन परिस्थितियों में आईं और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।
मामले में छात्र की चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और उसकी गरिमा का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है।
लांजी क्षेत्र के विष्णुटोला शासकीय प्राथमिक शाला में कक्षा पांचवीं के छात्र कृष्णा घोरमारे की पिटाई का आरोप शिक्षक रूपचंद खरे पर लगा है। छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया है और अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी है। मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रतीक्षा है।



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