उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय आशीष का चौथे दिन मिला शव, परिवार में मातम
पनागर के पास टींडनी में बरगी बांध की बड़ी नहर से मिला शव, परिजनों ने की पहचान; तलाश में देरी को लेकर उठे थे सवाल।
जबलपुर। खमरिया थाना क्षेत्र की उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय बालक आशीष ठाकुर की तलाश चौथे दिन दुखद समाचार के साथ समाप्त हो गई। पनागर के पास टींडनी में बरगी बांध से निकलने वाली बड़ी नहर में उसका शव मिला।
शव मिलने की सूचना पर घटनास्थल पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान आशीष के रूप में की। चार दिनों से बच्चे की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए परिवार को उसकी मौत की खबर से गहरा सदमा पहुंचा है। घटना के बाद से परिवार और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
- मृतक: आशीष ठाकुर, उम्र 10 वर्ष
- निवास: टोपला मोहल्ला, पिपरिया वार्ड क्रमांक 79, जबलपुर
- घटना स्थल: उमरिया नहर, खमरिया थाना क्षेत्र
- शव मिलने का स्थान: टींडनी, पनागर के पास
- तलाश की अवधि: चार दिन
- बचाव एवं खोज अभियान: पुलिस और एसडीआरएफ
- परिजनों का विरोध: खमरिया थाने के सामने धरना
दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था आशीष
जानकारी के अनुसार, पिपरिया वार्ड क्रमांक 79 के टोपला मोहल्ले में रहने वाला 10 वर्षीय आशीष ठाकुर कुछ दिन पहले अन्य बच्चों के साथ उमरिया नहर में नहाने गया था।
इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद बच्चे की तलाश शुरू की गई। परिजन लगातार उसकी खोजबीन और सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे।
नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा। बच्चे का पता लगाने के लिए नहर के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन की गई।
चौथे दिन टींडनी के पास मिला शव
लगातार तलाश के बाद चौथे दिन पनागर के समीप टींडनी में बरगी बांध से निकलने वाली बड़ी नहर में एक बालक का शव मिलने की जानकारी सामने आई।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान उमरिया नहर में डूबे आशीष ठाकुर के रूप में की।
जिस बच्चे को परिवार चार दिनों से तलाश रहा था, उसका शव मिलने के बाद घर में मातम छा गया।
उमरिया नहर में डूबने के बाद आशीष की लगातार तलाश की जा रही थी। चौथे दिन टींडनी में शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी शिनाख्त की।
मंगलवार को परिजनों ने खमरिया थाने के सामने दिया था धरना
आशीष का पता नहीं चलने से परेशान और नाराज परिजन मंगलवार को खमरिया थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे।
परिजनों ने आरोप लगाया था कि बच्चे के नहर में डूबने के बाद समय रहते मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने तलाश अभियान में देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
परिवार की नाराजगी के बीच बच्चे की खोजबीन जारी रही। हालांकि परिजनों के आरोपों के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
पुलिस और SDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही थी।
पानी के तेज बहाव और नहर के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की कठिनाइयों के बीच बचाव दल आशीष का पता लगाने के प्रयास में जुटे रहे।
चौथे दिन टींडनी के पास शव मिलने के बाद उसकी पहचान कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों ने तलाश में देरी को लेकर उठाए सवाल
आशीष के लापता होने के बाद से ही परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। मंगलवार को थाने के सामने धरना देकर परिजनों ने पुलिस से खोज अभियान को लेकर नाराजगी जताई थी।
परिजनों के अनुसार, यदि समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो तलाश की स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम की ओर से खोजबीन जारी रहने की जानकारी भी सामने आई है।
आशीष की मौत से परिवार में गहरा शोक
चार दिनों से बेटे की तलाश कर रहे परिजनों के लिए शव मिलने की खबर बेहद दुखद रही। बच्चे की पहचान होने के बाद परिवार में शोक छा गया।
इस घटना ने नहरों में नहाने के दौरान बच्चों की सुरक्षा और गहरे तथा तेज बहाव वाले पानी के खतरों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है।
फिलहाल पुलिस आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। मामले से जुड़ी अन्य परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना शेष है।
जबलपुर की उमरिया नहर में डूबे 10 वर्षीय आशीष ठाकुर का शव पनागर के पास टींडनी में मिला। परिजनों ने उसकी पहचान की। तलाश में देरी को लेकर परिवार ने पुलिस पर सवाल उठाए थे, जबकि पुलिस और एसडीआरएफ की टीम खोज अभियान में जुटी हुई थी। बच्चे की मौत से परिवार में मातम है।



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