फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के मामले में शमीम कबाड़ी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच और अधारताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, जन्मतिथि और पारिवारिक जानकारी बदलने के आरोपों की जांच।
जबलपुर। फर्जी आधार कार्ड और कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर नागपुर से पासपोर्ट बनवाने के मामले में जबलपुर पुलिस ने हाजी मोहम्मद शमीम अहमद उर्फ शमीम कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और थाना अधारताल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे आनंद नगर स्थित उसके निवास से पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में जन्मतिथि और पारिवारिक जानकारी से संबंधित कथित विसंगतियां रखी थीं। नागपुर का किरायानामा प्रस्तुत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
- गिरफ्तार व्यक्ति: हाजी मोहम्मद शमीम अहमद उर्फ शमीम कबाड़ी
- कार्रवाई: क्राइम ब्रांच और अधारताल थाना पुलिस
- गिरफ्तारी का स्थान: आनंद नगर, अधारताल, जबलपुर
- मुख्य आरोप: कथित फर्जी आधार कार्ड के आधार पर नागपुर से पासपोर्ट बनवाना
- जांच का विषय: जन्मतिथि, पत्नी और मां के नाम से जुड़ी जानकारी
- अन्य जांच: नागपुर का किरायानामा और संभावित विदेश यात्रा
आनंद नगर स्थित निवास से पुलिस ने किया गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच और थाना अधारताल पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मोहम्मद शमीम अहमद को उसके मूल निवास 1145, आनंद नगर, अधारताल से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कथित फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। अब पासपोर्ट बनवाने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता और उनमें दर्ज जानकारियों की जांच की जा रही है।
जन्मतिथि और पारिवारिक जानकारी बदलने का आरोप
अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि मोहम्मद शमीम अहमद ने कुछ समय पहले नागपुर में पासपोर्ट बनवाया था। इसके लिए कथित रूप से ऐसे आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जिसमें उसकी जन्मतिथि सहित अन्य जानकारियों में बदलाव या विसंगतियां थीं।
पुलिस के मुताबिक, प्रस्तुत दस्तावेजों में पत्नी और मां के नाम से संबंधित जानकारी भी बदली हुई पाई जाने का आरोप है।
इन तथ्यों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
नागपुर के किरायानामे की भी होगी जांच
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, नागपुर पासपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत दस्तावेजों में नागपुर का एक किरायानामा भी शामिल है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संबंधित किरायानामा किन परिस्थितियों में तैयार किया गया था और उसमें दर्ज पता तथा अन्य विवरण वास्तविक रिकॉर्ड से मेल खाते हैं या नहीं।
इसके साथ ही पासपोर्ट आवेदन में दी गई जानकारी और जबलपुर के मूल निवास से संबंधित दस्तावेजों का मिलान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नागपुर से जारी पासपोर्ट पर दुबई जाने की संभावना
प्रारंभिक जानकारी में यह संभावना भी जताई गई है कि मोहम्मद शमीम अहमद नागपुर से जारी पासपोर्ट के आधार पर कई महीनों तक दुबई में रहा हो सकता है।
हालांकि, उसकी विदेश यात्रा, प्रवास की अवधि और यात्रा में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों के संबंध में अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पासपोर्ट का इस्तेमाल किन यात्राओं के लिए किया गया था।
- पासपोर्ट आवेदन में दर्ज जन्मतिथि और वास्तविक रिकॉर्ड में क्या अंतर है?
- पत्नी और मां के नाम से संबंधित जानकारी क्यों बदली गई?
- नागपुर का किरायानामा किस आधार पर तैयार हुआ?
- क्या संबंधित पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए किया गया?
- दस्तावेजों को तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं?
2024 के खजरी-खिरिया कबाड़खाना विस्फोट के बाद चर्चा में आया था नाम
मोहम्मद शमीम अहमद का नाम इससे पहले जबलपुर में वर्ष 2024 के दौरान खजरी-खिरिया बायपास क्षेत्र में हुए भीषण कबाड़खाना विस्फोट के बाद भी चर्चा में आया था।
25 अप्रैल 2024 को क्षेत्र के एक कबाड़खाने में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई थी। विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जांच और राहत एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
घटनास्थल पर मलबा हटाने और मानव अवशेषों की तलाश का काम भी किया गया था। इस घटना ने उस समय शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कबाड़ कारोबार से जुड़े जोखिमों को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खजरी-खिरिया स्थित रजा मेटल कबाड़खाने में हुए विस्फोट से मोहम्मद शमीम अहमद की कोई संलिप्तता सामने नहीं आई थी। वर्तमान गिरफ्तारी कथित फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के अलग मामले से संबंधित है। दोनों घटनाओं को एक ही आपराधिक प्रकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पासपोर्ट दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
अधारताल पुलिस और क्राइम ब्रांच अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, पहचान संबंधी रिकॉर्ड और पासपोर्ट आवेदन में दर्ज विवरणों की जांच कर रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गलत जानकारियां किस स्तर पर दर्ज की गई थीं और दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है और मामले में विस्तृत जांच जारी है। आरोपों की अंतिम सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगी।
जबलपुर की क्राइम ब्रांच और अधारताल पुलिस ने शमीम कबाड़ी को गिरफ्तार कर कथित फर्जी आधार कार्ड और नागपुर से जारी पासपोर्ट के मामले की जांच शुरू कर दी है। जन्मतिथि, पारिवारिक विवरण, किरायानामे और संभावित दुबई यात्रा से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।



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