कलेक्ट्रेट के मैरिज ऑफिस में अंतरधार्मिक विवाह को लेकर हंगामा, ओमती पुलिस पर उठे सवाल
हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध, पुलिस के साथ तीखी बहस; युवक को थाने नहीं लाने का आरोप।
जबलपुर। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मैरिज ऑफिस में एक हिंदू युवती और ईसाई युवक के कथित अंतरधार्मिक विवाह को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। विवाह की जानकारी मिलने पर हिंदू धर्म सेना से जुड़े कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध जताने लगे। इस दौरान परिसर में नारेबाजी और हंगामा होने की जानकारी सामने आई है।
मामला उस समय और बढ़ गया, जब सूचना पर पहुंची ओमती थाना पुलिस युवक को अपने वाहन में बैठाकर वहां से ले गई। संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बाद में जब वे ओमती थाने पहुंचे तो संबंधित युवक वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- स्थान: जिला कलेक्ट्रेट, जबलपुर
- विवाद: कथित अंतरधार्मिक विवाह
- विरोध: हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ता
- संबंधित थाना: ओमती
- मुख्य आरोप: युवक को थाने लाने के बजाय अन्यत्र छोड़ना
- पुलिस का आधिकारिक पक्ष: उपलब्ध नहीं
विवाह की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि जिला कलेक्ट्रेट परिसर के मैरिज ऑफिस में एक हिंदू युवती और ईसाई युवक विवाह की प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे हैं।
इस जानकारी के बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और कथित विवाह को लेकर विरोध शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण मैरिज ऑफिस के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
हालांकि दोनों संबंधित व्यक्तियों ने विवाह के लिए आवेदन किया था या नहीं, उनकी उम्र क्या है और विवाह की प्रक्रिया किस चरण में थी, इसका आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
हंगामे की सूचना पर पहुंची ओमती थाना पुलिस
कलेक्ट्रेट परिसर में विवाद बढ़ने की सूचना पर ओमती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने संबंधित युवक को अपने वाहन में बैठाया और उसे वहां से लेकर रवाना हो गए।
पुलिस ने यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया था या किसी कानूनी कार्रवाई के अंतर्गत, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
युवक को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया था, ऐसा भी उपलब्ध जानकारी से स्थापित नहीं होता।
ओमती थाने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने लगाए आरोप
संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे घटनाक्रम की जानकारी लेने ओमती थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां संबंधित युवक नहीं मिला।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस युवक को थाने लाने के बजाय रास्ते में ही किसी अन्य स्थान पर छोड़ आई। कार्यकर्ताओं ने इस कथित कार्रवाई को लेकर पुलिस से जवाब मांगा।
यह आरोप संगठन के कार्यकर्ताओं का है। युवक को वास्तव में कहां ले जाया गया और पुलिस ने उसके संबंध में क्या कार्रवाई की, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
थाने के बाहर पुलिस और कार्यकर्ताओं में तीखी बहस
युवक के संबंध में जानकारी नहीं मिलने पर ओमती थाने के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई है।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह जानने की मांग की कि युवक को कलेक्ट्रेट से ले जाने के बाद कहां पहुंचाया गया।
विवाद के दौरान पुलिसकर्मियों और संगठन के सदस्यों के बीच हुई बातचीत तथा उसके बाद की कार्रवाई का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
अंतरधार्मिक विवाह को लेकर कानून क्या कहता है?
भारत में अलग-अलग धर्मों के दो वयस्क व्यक्ति विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करके विवाह कर सकते हैं। केवल अलग-अलग धर्मों से संबंधित होना किसी विवाह को अवैध नहीं बनाता।
विवाह की वैधता संबंधित व्यक्तियों की कानूनी आयु, स्वतंत्र सहमति और अन्य वैधानिक शर्तों पर निर्भर करती है।
इस मामले में दोनों संबंधित व्यक्तियों की उम्र, सहमति और विवाह आवेदन से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए विवाह की वैधता या अवैधता के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
युवक को कलेक्ट्रेट से ले जाने के बाद कहां पहुंचाया गया, क्या कोई कानूनी कार्रवाई की गई और विवाद को शांत कराने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए—इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
अब इन सवालों के जवाब जरूरी
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंची पुलिस ने युवक को अपने वाहन में बैठाने के बाद कहां पहुंचाया।
इसके अलावा विवाह कार्यालय में वास्तव में कौन-सी प्रक्रिया चल रही थी, संबंधित व्यक्तियों ने कोई शिकायत दर्ज कराई थी या नहीं और पुलिस ने मामले में कोई रिपोर्ट तैयार की है या नहीं, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।
इन तथ्यों पर पुलिस और संबंधित विवाह अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
जबलपुर कलेक्ट्रेट में कथित अंतरधार्मिक विवाह को लेकर हुए विरोध के बाद हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं ने ओमती पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। युवक को थाने के बजाय अन्यत्र छोड़ने का आरोप लगाया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।



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