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मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड: सौरभ राजपूत की हत्या में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर

उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए 22 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भरोसा किया। मामला 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। जांच के अनुसार, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट तथा रेत से बंद कर दिया गया था। पुलिस ने 18 मार्च 2025 को शव बरामद किया था। उपलब्ध विवरण में अदालत की 126 सुनवाइयों और लगभग 16 महीने चली कार्यवाही का उल्लेख है।

मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड: सौरभ राजपूत की हत्या में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर
MEERUT BLUE DRUM CASE | COURT VERDICT

मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा

सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में जिला अदालत का फैसला, 22 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर चली सुनवाई।

मेरठ (उत्तर प्रदेश)। देशभर में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मेरठ की जिला अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। पूर्व मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है।

जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को पहले 30 सितंबर को दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा निर्धारित करने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी।

इस मामले में अभियोजन पक्ष ने हत्या की सुनियोजित प्रकृति, शव को छिपाने के प्रयास और वैज्ञानिक तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा।

मामले की प्रमुख बातें
  • मृतक: सौरभ राजपूत, पूर्व मर्चेंट नेवी कर्मी
  • दोषी: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला
  • हत्या की तारीख: 3 मार्च 2025
  • दोषसिद्धि: 30 सितंबर 2026
  • सजा का फैसला: 14 अक्टूबर 2026
  • सजा: दोनों को मृत्युदंड
  • गवाह: 22
  • अदालती पेशियां: 126

पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या का दोषी माना

अभियोजन के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या की थी। जांच में सामने आया कि सौरभ को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर धारदार हथियार से हमला किया गया।

हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया। ड्रम में सीमेंट भरकर शव को छिपाने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से यह मामला देशभर में ब्लू ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ।

नीले ड्रम में छिपाया गया था शव

पुलिस जांच के दौरान मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित मकान में रखे नीले ड्रम से सौरभ राजपूत का शव बरामद किया गया था। शव को सीमेंट में छिपाए जाने के कारण यह घटना लंबे समय तक राष्ट्रीय समाचारों में बनी रही।

जांच के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। अभियोजन ने अदालत में घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।

22 गवाह, 126 पेशियां और लंबी न्यायिक प्रक्रिया

मामले में अदालत के सामने 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें मृतक के परिवार के सदस्य और मामले से जुड़े अन्य गवाह शामिल थे।

करीब 126 अदालती पेशियों के बाद 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया गया। सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड की मांग की।

बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं होने और पारिवारिक परिस्थितियों सहित विभिन्न पहलुओं को अदालत के सामने रखा। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हत्या का दोषी माना।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई दोषियों की पेशी

मुस्कान और साहिल जेल में बंद हैं। सजा से संबंधित न्यायिक कार्यवाही के दौरान दोनों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।

अदालत ने सजा निर्धारित करने से पहले दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मौत की सजा सुनाई गई।

सौरभ के परिवार ने की थी कड़ी सजा की मांग

सौरभ राजपूत की मां रेनू राजपूत और परिवार के अन्य सदस्य घटना के बाद से दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग कर रहे थे।

30 सितंबर को दोषसिद्धि के बाद भी परिवार की निगाहें सजा के फैसले पर टिकी हुई थीं। अब जिला अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड सुनाया है।

मौत की सजा के बाद आगे क्या होगा?

जिला अदालत द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सजा तुरंत लागू हो जाएगी। भारतीय कानून के अनुसार, निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की पुष्टि उच्च न्यायालय से होना आवश्यक है।

दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील करने का कानूनी अधिकार भी प्राप्त है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया में उच्च न्यायालय और आवश्यक होने पर उच्चतर अदालतें मामले की समीक्षा कर सकती हैं।

ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत का फैसला

मेरठ की जिला अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। यह मामला हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में सीमेंट के भीतर छिपाने के कारण देशभर में चर्चित हुआ था। मृत्युदंड के फैसले के बाद अब उच्च न्यायालय की पुष्टि और अपील की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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