देश

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: सामाजिक सहायता योजना के लिए ₹53,428 करोड़ मंजूर, दिव्यांग पेंशन बढ़ेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान करने की मंजूरी दी है। योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन और परिवार लाभ योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: सामाजिक सहायता योजना के लिए ₹53,428 करोड़ मंजूर, दिव्यांग पेंशन बढ़ेगी
UNION CABINET | SOCIAL SECURITY SCHEME

सामाजिक सहायता योजना के लिए ₹53,428 करोड़ मंजूर, दिव्यांग पेंशन में बड़े बदलाव

मोदी कैबिनेट का फैसला: 40% दिव्यांगता पर मिलेगी पात्रता, न्यूनतम आयु की बाध्यता खत्म; लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सहायता।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांग नागरिकों के लिए संचालित राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस कार्यक्रम के लिए कुल ₹53,428 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही योजना का नाम बदलने और दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता तथा सहायता राशि में महत्वपूर्ण संशोधन करने का फैसला लिया गया है।

सरकार के अनुसार, योजना के माध्यम से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कैबिनेट फैसले की प्रमुख बातें
₹53,428
करोड़ का प्रावधान
3.20 करोड़
अनुमानित लाभार्थी
  • योजना को पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलेगा।
  • दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता 80% से घटाकर 40% होगी।
  • दिव्यांग पेंशन की न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त होगी।
  • वृद्धावस्था, विधवा और परिवार लाभ योजनाएं मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलेगा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने की मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत संचालित उप-योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।

वर्तमान योजना नया नाम
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

दिव्यांगजन पेंशन में सबसे बड़ा बदलाव, अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर पात्रता

कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना की पात्रता में महत्वपूर्ण राहत देने का निर्णय लिया है। वर्तमान व्यवस्था में पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता आवश्यक थी। नई व्यवस्था में इसे घटाकर 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता किया जाएगा।

इस बदलाव से ऐसे जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी योजना का दायरा बढ़ेगा, जो पहले 80 प्रतिशत दिव्यांगता की शर्त पूरी नहीं कर पाते थे। हालांकि योजना की अन्य पात्रता शर्तें संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगी।

दिव्यांग पेंशन की नई प्रस्तावित केंद्रीय सहायता
₹375
प्रतिमाह
80 वर्ष से कम आयु
₹625
प्रतिमाह
80 वर्ष या अधिक आयु

नोट: ये केंद्र सरकार की सहायता राशियां हैं। राज्य सरकार की अतिरिक्त पेंशन या सहायता अलग हो सकती है।

जन्म से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी खुलेगा योजना का रास्ता

नई व्यवस्था में दिव्यांगजन पेंशन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त करने की मंजूरी दी गई है। इससे जन्म से दिव्यांग व्यक्ति भी निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करने पर योजना के दायरे में आ सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य उन जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सहायता प्रदान करना है, जो आयु संबंधी शर्तों के कारण अभी तक योजना का लाभ नहीं ले पाते थे।

वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना में फिलहाल सहायता राशि तथा पात्रता संबंधी मौजूदा व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।

इन योजनाओं के अंतर्गत पहले से पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सहायता मिलती रहेगी। नाम परिवर्तन का अर्थ इन योजनाओं के लाभ बंद होना नहीं है।

तीन महीने के भीतर जारी होंगे संशोधित दिशा-निर्देश

केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग को अगले तीन महीनों के भीतर योजना के संशोधित दिशा-निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इन दिशा-निर्देशों में नई पात्रता, दस्तावेजों, सहायता वितरण और योजना के क्रियान्वयन से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया जाएगा। लाभार्थियों के लिए नई व्यवस्था का वास्तविक क्रियान्वयन संबंधित आधिकारिक निर्देशों के अनुसार होगा।

1995 में शुरू हुआ था राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

यह कार्यक्रम संविधान के अनुच्छेद 41 में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों की भावना से जुड़ा है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार निर्धारित केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराती है।

कार्यक्रम के माध्यम से उन परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रयास किया जाता है, जिनके पास आय के पर्याप्त साधन नहीं हैं या जो सामाजिक एवं आर्थिक रूप से असुरक्षित स्थिति में हैं।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 से जुड़ा फैसला

सरकार के अनुसार, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 में बेंचमार्क दिव्यांगता की अवधारणा को मान्यता दी गई है। इसके अंतर्गत 40 प्रतिशत या उससे अधिक निर्धारित दिव्यांगता को बेंचमार्क दिव्यांगता माना जाता है।

अधिनियम में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा संबंधी विशेष प्रावधान भी हैं। इसी कानूनी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिव्यांग पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

करोड़ों लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ मंजूर किए हैं। दिव्यांग पेंशन की पात्रता 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता करने और न्यूनतम आयु की शर्त हटाने का निर्णय लिया गया है। संशोधित दिशा-निर्देश जारी होने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

A
लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

पाठक प्रतिक्रियाएं

अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं है।

आपकी प्रतिक्रिया समीक्षा के बाद प्रकाशित हो सकती है।