लोकायुक्त की जांच में परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम संपत्तियों की खरीद का विवरण सामने आया
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में संपत्तियों से जुड़े बड़े आंकड़े सामने आए हैं। लोकायुक्त की ओर से 19 अक्टूबर तक उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियों की खरीद का विवरण मिला है।
इन अचल संपत्तियों की वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत 64 करोड़ 1 लाख 11 हजार 768 रुपये बताई गई है। वहीं, जांच में सामने आई चल और अचल संपत्तियों पर कुल 18 करोड़ 79 लाख 79 हजार 531 रुपये खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त पुलिस संबंधित संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद प्रक्रिया और धन के स्रोत का सत्यापन कर रही है।
14 अक्टूबर को लोकायुक्त ने की थी सर्च कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस ने 14 अक्टूबर को प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में की गई थी।
कार्रवाई उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई। सर्च के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के आधार पर संपत्तियों, जमीन के सौदों और संबंधित फर्म की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक सामने आए तथ्य प्रारंभिक जांच का हिस्सा हैं। संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व और दस्तावेजों का सत्यापन अभी जारी है।
46 संपत्तियों की बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक
लोकायुक्त की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, अब तक सामने आई अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत और वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत में बड़ा अंतर है।
| संपत्ति संबंधी विवरण | राशि |
|---|---|
| कुल अचल संपत्तियां | 46 |
| अचल संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत | ₹17,19,46,323 |
| अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत | ₹64,01,11,768 |
| चल-अचल संपत्तियों पर कुल दर्ज व्यय | ₹18,79,79,531 |
यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि 64.01 करोड़ रुपये अचल संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत है, जबकि 18.79 करोड़ रुपये चल और अचल संपत्तियों पर दर्ज व्यय का आंकड़ा है। दोनों आंकड़े अलग-अलग मूल्यांकन दर्शाते हैं और इन्हें जोड़कर कुल संपत्ति नहीं माना जा सकता।
रंगवासा में कृषि भूमि की कई रजिस्ट्रियों की जानकारी
जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कृषि भूमि की कई रजिस्ट्रियों का विवरण सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर लगभग 0.202 से 0.203 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली कृषि भूमि खरीदे जाने का रिकॉर्ड मिला है।
इन जमीनों की गाइडलाइन कीमत अलग-अलग दर्ज की गई है। उपलब्ध सूची में लगभग 7 लाख 32 हजार रुपये से लेकर 18 लाख 75 हजार रुपये से अधिक तक की गाइडलाइन कीमत वाली जमीनों का उल्लेख है।
लोकायुक्त पुलिस जमीनों की खरीद से संबंधित रजिस्ट्री दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
लसूड़िया मोरी में 11.7710 हेक्टेयर जमीन की खरीद का विवरण
जांच में जुलाई 2024 के दौरान ग्राम लसूड़िया मोरी, वार्ड क्रमांक 35 में रेड कारपेट के पीछे स्थित कृषि भूमि की खरीद की जानकारी भी सामने आई है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस भूमि का क्षेत्रफल 11.7710 हेक्टेयर दर्ज है और इसकी गाइडलाइन कीमत करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपये बताई गई है।
इस जमीन के स्वामित्व, खरीद प्रक्रिया और भुगतान के स्रोत सहित संबंधित पहलुओं का सत्यापन जांच एजेंसी द्वारा किया जा रहा है।
स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम जमीनों की खरीद
लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच में सामने आई संबंधित जमीनें स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदे जाने का विवरण मिला है।
उपलब्ध रिकॉर्ड में इस फर्म का संबंध फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से बताया गया है।
लोकायुक्त पुलिस फर्म के स्वामित्व, उसमें संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, संपत्ति खरीद के वित्तीय स्रोत और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। किसी फर्म या व्यक्ति के नाम संपत्ति दर्ज होना अपने आप में अवैध संपत्ति होने का प्रमाण नहीं है।
संपत्तियों के स्वामित्व और आय के स्रोत की जांच जारी
लोकायुक्त की जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना है कि सामने आई संपत्तियों की खरीद किस स्रोत से की गई और संबंधित व्यक्तियों तथा फर्म के बीच वित्तीय लेनदेन का क्या संबंध रहा।
जांच एजेंसी के अनुसार, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों का सत्यापन जारी है। फिलहाल जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।
लोकायुक्त द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े 19 अक्टूबर तक की जांच पर आधारित बताए गए हैं। संपत्तियों की बाजार कीमत अनुमानित है। इनके वास्तविक स्वामित्व, वित्तीय स्रोत और वैधानिक स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निकलेगा।
इंदौर के प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त जांच में सामने आए संपत्ति संबंधी आंकड़ों ने मामले को महत्वपूर्ण बना दिया है। जांच एजेंसी अब संपत्तियों की खरीद, फर्म से जुड़े दस्तावेजों और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है।



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