छिंदवाड़ा में छह मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई, संचालन लाइसेंस निलंबित
औषधि नियमों की अनदेखी और नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने जारी किए आदेश
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्वास्थ्य एवं औषधि प्रशासन ने दवा दुकानों के संचालन में नियमों की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। जिले में मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने छह मेडिकल दुकानों के संचालन लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए हैं।
कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में चलाए गए जांच अभियान के दौरान संबंधित दुकानों में अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
इन छह मेडिकल दुकानों पर हुई कार्रवाई
लाइसेंसिंग प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के अनुसार, परासिया स्थित संजय मेडिकल और छिंदवाड़ा के सीता मेडिकोज के लाइसेंस पांच-पांच दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं।
इसके अलावा विवांता फार्मेसी, जीवत मेडिकल, योगेश एजेंसीज और अग्रवाल औषधि भंडार के लाइसेंस तीन-तीन दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं।
| मेडिकल दुकान | स्थान | निलंबन अवधि |
|---|---|---|
| संजय मेडिकल | परासिया | 5 दिन |
| सीता मेडिकोज | छिंदवाड़ा | 5 दिन |
| विवांता फार्मेसी | छिंदवाड़ा | 3 दिन |
| जीवत मेडिकल | छिंदवाड़ा | 3 दिन |
| योगेश एजेंसीज | छिंदवाड़ा | 3 दिन |
| अग्रवाल औषधि भंडार | छिंदवाड़ा | 3 दिन |
नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निलंबन
जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
प्रशासन ने दुकानदारों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। इसके बाद लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने नियमानुसार निलंबन के आदेश जारी किए।
आदेश की प्रभावी अवधि में संबंधित दुकानों से दवाओं की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।
जीवत मेडिकल की अल्प्राजोलम दवा की अनुमति निरस्त
छह मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबन के अतिरिक्त औषधि विभाग ने जीवत मेडिकल के विरुद्ध एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई भी की है।
जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर जीवत मेडिकल को अल्प्राजोलम दवा के क्रय-विक्रय के लिए दी गई अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है।
अल्प्राजोलम एक चिकित्सकीय पर्चे पर दी जाने वाली दवा है, जिसका उपयोग कुछ चिंता और घबराहट संबंधी विकारों के उपचार में किया जाता है। इसके अनुचित उपयोग और निर्भरता के जोखिम के कारण इसकी बिक्री एवं वितरण में निर्धारित औषधि नियमों का पालन आवश्यक है।
जीवत मेडिकल का संचालन लाइसेंस तीन दिनों के लिए निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त अल्प्राजोलम दवा के क्रय-विक्रय की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की जानकारी है। दोनों कार्रवाइयां अलग-अलग हैं।
दवाओं के रिकॉर्ड और बिलिंग पर निगरानी
औषधि विभाग ने दवा दुकानों में रिकॉर्ड संधारण, निर्धारित नियमों के अनुसार बिक्री, बिलिंग व्यवस्था तथा दवाओं के भंडारण पर निगरानी बनाए रखने की बात कही है।
विशेष रूप से चिकित्सकीय पर्चे पर बेची जाने वाली दवाओं और नियंत्रित श्रेणी की औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड का सही संधारण आवश्यक है।
इसके साथ ही एक्सपायरी दवाओं का उचित प्रबंधन और दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव भी नियमों के अनुपालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निलंबन अवधि में दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित
लाइसेंसिंग प्राधिकरण के आदेश के अनुसार, जिन छह मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, वे निर्धारित अवधि में दवाओं का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगी।
पांच दिनों के लिए निलंबित दुकानों और तीन दिनों के लिए निलंबित दुकानों पर आदेश में निर्धारित प्रभावी अवधि के अनुसार प्रतिबंध लागू होगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य औषधि नियमों का पालन सुनिश्चित करना और दवा वितरण व्यवस्था में जवाबदेही बनाए रखना है।
छिंदवाड़ा जिले में छह मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस तीन से पांच दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं। जीवत मेडिकल की अल्प्राजोलम दवा के क्रय-विक्रय की अनुमति भी निरस्त की गई है। संबंधित दुकानों में निलंबन अवधि के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।



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