मरघटाई गार्डन में रॉड और बांस के डंडे से हमला, दोनों आरोपी 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए
सच की दुनिया, जबलपुर। शहर के रांझी थाना क्षेत्र स्थित मरघटाई गार्डन में मोबाइल फोन देने से इनकार करने पर युवक के साथ गंभीर मारपीट और जानलेवा हमला किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवक पर लोहे की रॉड और बांस के डंडे से हमला किया था, जिससे उसके सिर, जबड़े और कमर में गंभीर चोटें आई थीं।
रांझी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और बांस का डंडा भी जब्त किया गया है।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
स्थान: मरघटाई गार्डन, रांझी, जबलपुर
घायल युवक: प्रमोद सेन
शिकायतकर्ता: वीरेंद्र सेन
विवाद: मोबाइल फोन देने से इनकार
हमले में प्रयुक्त हथियार: लोहे की रॉड और बांस का डंडा
गिरफ्तार आरोपी: 2
गिरफ्तारी: 24 घंटे के भीतर
न्यायिक हिरासत: 5 नवंबर तक
थाना: रांझी, जबलपुर
दोस्तों के साथ गार्डन में बैठा था प्रमोद सेन
रांझी थाना पुलिस के अनुसार, मरघटाई रोड नंबर 2 निवासी वीरेंद्र सेन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा प्रमोद सेन रात करीब 10 बजकर 30 मिनट पर मरघटाई गार्डन के अंदर पीपल के पेड़ के पास अपने दोस्तों मनीष साहू और दीपक सोनी के साथ बैठा था।
इसी दौरान ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश चौधरी वहां पहुंचा और प्रमोद से मोबाइल फोन मांगा।
प्रमोद ने मोबाइल देने से इनकार किया तो आरोपी कथित रूप से गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद वह वहां से चला गया।
कुछ देर बाद डंडा और रॉड लेकर लौटा आरोपी
शिकायत के मुताबिक, मोबाइल देने से इनकार करने के बाद प्रकाश चौधरी वहां से चला गया था।
कुछ देर बाद वह अपने बड़े पिता विश्वनाथ उर्फ विष्णु चौधरी के साथ वापस गार्डन पहुंचा।
आरोप है कि दोनों ने मिलकर प्रमोद सेन पर लोहे की रॉड और बांस के डंडे से हमला कर दिया।
हमले में प्रमोद के सिर, जबड़े और कमर में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मोबाइल देने से मना करने पर हुए विवाद के बाद दोनों आरोपियों पर प्रमोद सेन को रॉड और डंडे से गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है। युवक के सिर, जबड़े और कमर में चोटें आई थीं।
पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और साक्ष्य जब्त किए
घटना की शिकायत मिलने के बाद रांझी पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया।
पुलिस ने घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और तुलनात्मक जांच के लिए सादी मिट्टी के नमूने जब्त किए।
इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए।
24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
रांझी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में नामजद दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए।
जब्त किए गए हथियारों में एक बांस का डंडा और एक लोहे की रॉड शामिल हैं।
विश्वनाथ उर्फ विष्णु चौधरी
पिता: ईश्वर दास चौधरी
उम्र: 55 वर्ष
निवासी: रविदास नगर, मरघटाई के सामने, रांझी
ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश चौधरी
पिता: रवि चौधरी
उम्र: 31 वर्ष
निवासी: रविदास नगर, मरघटाई के सामने, रांझी
न्यायालय ने 5 नवंबर तक जेल भेजा
गिरफ्तारी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय के आदेश पर दोनों को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और घटना की परिस्थितियों का परीक्षण आगे की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
गिरफ्तारी में रांझी थाना पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी में रांझी थाना पुलिस की टीम शामिल रही।
पुलिस कार्रवाई में थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी, सहायक उप निरीक्षक मनीष कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक राजकुमार, राकेश और भूपेंद्र सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों की भूमिका रही।
थाना पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की।
मरघटाई गार्डन में मोबाइल फोन देने से इनकार करने पर प्रमोद सेन पर हुए जानलेवा हमले के मामले में रांझी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और बांस का डंडा जब्त किया गया है। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित होगी।



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