एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कैसे 15 मिनट में ट्रेन की तलाशी लेकर पकड़े गए तीनों संदिग्ध
कोटा/मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से तीन संदिग्धों को पकड़ा। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीनों संदिग्ध मुंबई से निकलकर दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में थे। मुंबई पुलिस से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस ने तेजी से घेराबंदी की और महज 15 मिनट के भीतर ट्रेन की तलाशी लेकर उन्हें पकड़ लिया।
सुबह 9:45 बजे मिली सूचना, कोटा स्टेशन पर बिछाया जाल
एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर मुंबई पुलिस ने सूचना दी कि फायरिंग मामले से जुड़े तीन संदिग्ध पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे हैं और ट्रेन कोटा पहुंचने वाली है।
सूचना मिलते ही कोटा पुलिस सक्रिय हो गई। रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई। रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित टीमों के सहयोग से ट्रेन की तलाशी की तैयारी की गई।
पुलिस ने प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी कर जनरल बोगी की तलाशी ली। इस दौरान तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया।
कौन हैं पकड़े गए तीन संदिग्ध?
कोटा पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पकड़े गए लोगों में हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और हरियाणा का एक नाबालिग शामिल है।
ऋतिक पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहा था। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, वह बाइक टैक्सी सेवा से जुड़ा हुआ था। अन्य संदिग्धों की पृष्ठभूमि और उनकी भूमिकाओं की जांच जारी है।
नाबालिग की पहचान से संबंधित विस्तृत व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
रेहान की कथित भूमिका, अनिल पंडित से संपर्क का खुलासा
एसपी तेजस्विनी गौतम ने प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर बताया कि रेहान उर्फ सुक्का कथित तौर पर फायरिंग की योजना बनाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा था।
पुलिस के अनुसार, रेहान का संपर्क अनिल पंडित नामक व्यक्ति से होने की जानकारी मिली है, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
हालांकि, रेहान को साजिश का अंतिम मास्टरमाइंड मानना अभी जल्दबाजी होगी। इस मामले में निर्देश देने वाले व्यक्तियों, आपसी संपर्क और हमले के उद्देश्य की विस्तृत जांच मुंबई पुलिस को करनी है।
दिल्ली पहुंचकर नेपाल भागने की थी तैयारी
कोटा पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों संदिग्ध दिल्ली पहुंचने के बाद नेपाल की ओर जाने की योजना बना रहे थे।
वारदात के बाद मुंबई से निकलने के लिए उन्होंने रेल यात्रा का सहारा लिया। पुलिस को समय रहते उनके ट्रेन में होने की सूचना मिल गई, जिससे उन्हें कोटा में ही रोक लिया गया।
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि यात्रा की व्यवस्था किसने की और क्या भागने में किसी अन्य व्यक्ति ने सहायता की थी।
संदिग्धों के पास नहीं मिले हथियार
एसपी ने बताया कि कोटा में पकड़े जाने के समय तीनों संदिग्धों के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।
ऐसे में जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां गए। क्या उन्हें रास्ते में कहीं छिपाया गया या किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा गया, इसका पता लगाने के लिए आगे पूछताछ की जाएगी।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
रविवार, 18 अक्टूबर की शाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ जुहू में फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की थी।
घटना में अभिनेता के ड्राइवर फिरदौस के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। कुछ रिपोर्टों में एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगने की बात कही गई है।
टाइगर श्रॉफ गोली लगने से बच गए, हालांकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार कांच और बारूद के कणों से उन्हें मामूली चोट आई थी।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया।
मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी आगे की जांच
कोटा में पकड़े गए तीनों संदिग्धों को मुंबई पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू की गई। आगे की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच हमले की योजना, हथियारों की व्यवस्था, आरोपियों के संपर्क और कथित गैंग संबंधों की पड़ताल करेगी।
जांच एजेंसियों के सामने यह भी सवाल है कि क्या अभिनेता की गतिविधियों की पहले से निगरानी की गई थी और फायरिंग के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
घटना: 18 अक्टूबर 2026, जुहू, मुंबई
कार्रवाई: 19 अक्टूबर 2026, कोटा रेलवे स्टेशन
संदिग्ध: रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक उर्फ रोशन और एक नाबालिग
पुलिस अधिकारी: एसपी तेजस्विनी गौतम
ट्रेन: पुणे-जयपुर एक्सप्रेस
कथित योजना: दिल्ली के रास्ते नेपाल भागना
हथियार: कोटा में बरामद नहीं हुए
कोटा में तीन संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद जांच का केंद्र हमले की योजना, हथियारों की बरामदगी और कथित गैंग संबंधों पर है। पुलिस की आगे की पूछताछ और साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस वारदात के पीछे किसकी क्या भूमिका थी।



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