17 अक्टूबर की शुरुआती रिपोर्ट में 17 मौतें, बाद की खबरों में मृतकों की संख्या 19 बताई गई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। घटना की शुरुआती रिपोर्ट में 17 श्रद्धालुओं की मौत और 25 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 बताई गई है।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक सहायता की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, आर्थिक सहायता की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में हुई भगदड़ पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष यानी पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के निकट परिजन को दो लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही।
तेज बारिश के दौरान अचानक बढ़ा भीड़ का दबाव
यह हादसा उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र में स्थित चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल के निकास मार्ग के पास हुआ। शनिवार शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर भारी बारिश के दौरान पंडाल के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े लोग तेजी से पंडाल की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान प्रवेश और निकास मार्गों के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ गया।
अचानक अफरा-तफरी फैलने से कई श्रद्धालु गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
निकास द्वार का हिस्सा गिरने की भी सूचना
घटना के संबंध में सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में पंडाल के निकास द्वार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई।
हालांकि, हादसे का सटीक कारण और घटनाओं का क्रम जांच का विषय है। यह पता लगाया जाना है कि भीड़ के दबाव, अस्थायी ढांचे की स्थिति और निकासी व्यवस्था ने दुर्घटना में किस प्रकार भूमिका निभाई।
कुछ बाद की रिपोर्टों में पंडाल की सुरक्षा को लेकर की गई घोषणा के बाद लोगों में घबराहट बढ़ने की बात भी सामने आई है।
कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में घायलों का उपचार
घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और एंबुलेंस सेवाओं को राहत-बचाव कार्य में लगाया गया।
घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्ट में 25 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई।
अस्पताल में घायलों के उपचार के साथ मृतकों की पहचान और उनके परिवारों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहुंचे अस्पताल
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से उपचार व्यवस्था की समीक्षा की और प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार ने घटना की जांच और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की प्रक्रिया भी शुरू की है।
हादसे के बाद पंडाल में प्रवेश रोका गया
भगदड़ के बाद चोरबागान पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय किए।
प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल के प्रवेश-निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है।
17 अक्टूबर की शुरुआती रिपोर्टों में 17 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। 18 अक्टूबर को प्रकाशित कुछ बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 19 बताई गई है। इसलिए समाचार अपडेट करते समय रिपोर्ट के समय और नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों का उल्लेख करना जरूरी है।
कोलकाता की इस दुर्घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सहायता की घोषणा के साथ प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार और हादसे के कारणों की जांच है।



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