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शनिवार को इस एक फूल से शनिदेव को कर सकते हैं प्रसन्न, मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत



 Shani Dev Puja:शनिदेव इस समय मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. शनि का इस वर्ष कोई राशि परिवर्तन नहीं है. शनिदेव बीते 22 जनवरी को नक्षत्र परिवर्तन कर चुके है. विशेष बात ये है कि शनि ग्रह इस समय अस्त है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह अस्त हो जाता है तो उसके प्रभाव में कमी आ जाती है. शनिदेव मकर राशि में इस समय गुरू, सूर्य और शुक्र विराजमान हैं.


शनि को सभी ग्रहों मेें कू्रर ग्रह माना गया है. मान्यता है कि शनि की दृष्टि जिस पर पड़ती है उसे तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कुछ मामलों में शनि शुभ फल भी प्रदान करते हैं. शनि एक न्याय प्रिय ग्रह माना गया है. शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देने का कार्य करते हैं. यानि जब व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो शनिदेव उसे शुभ फल प्रदान करते हैं वहीं जब कोई व्यक्ति बुरे कार्य करता है तो शनि उसे कठोर दंड देने का कार्य करते हैं.


मिथुन और तुला राशि पर है शनि की ढैय्या
मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. वहीं धनु, मकर और कुंभ राशि शनि की साढ़ेसाती चल रही है. इसलिए इन 5 राशियों को शनिवार के दिन शनि का दान और शनि को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए.


आक के फूल से करें पूजा
शनिदेव को नीले फूल और आक के फूल बहुत प्रिय है. इसे मदार का फूल भी कहा जाता है. शनिवार को आक के फूल चढ़ाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. इस फूल से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं. शनिवार के दिन साबुत उड़द को दान करने से भी शनि की अशुभता दूर करने में मदद मिलती है. शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करने से भी शनिदेव खुश होते हैं.


शनि का मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नम:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:


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