पत्रकार से रेप के आरोप : एमजे अकबर ने कहा सहमति से बना था संबंध, बचाव में उतरीं पत्नी

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नई दिल्ली : महिला पत्रकार पल्लवी गोगोई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर रेप का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। एमजे अकबर ने कहा कि उनका पत्रकार पल्लवी गोगोई के साथ कई महीनों तक “आपसी सहमति से संबंध” रहा। अकबर ने कहा कि आरोप लगाने वाली पल्लवी गोगोई के साथ आपसी सहमति से बना संबंध “संभवत: अच्छे मोड़” पर खत्म नहीं हुआ।

गौरतलब है कि वाशिंगटन स्थित अमेरिकी मीडिया संगठन नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की बिजनेस डेस्क की मुख्य संपादक पल्लवी गोगोई ने अकबर के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाए हैं। गोगोई ने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ में एक लेख में अपनी जिंदगी के ‘‘सबसे कष्टकारी क्षणों” के बारे में विस्तार से लिखा है।

गोगोई ने कहा कि उस समय ‘एशियन एज’ अखबर के प्रधान संपादक अकबर एक प्रतिभाशाली पत्रकार थे, लेकिन उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कर उनका यौन शोषण किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जो साझा कर रही हूं वे मेरे जीवन के सबसे कष्टदायी पल हैं। मैंने 23 वर्षों तक उन्हें दबा कर रखा।”

उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताया कि कैसे अकबर ने नयी दिल्ली से मुंबई-जयपुर-लंदन तक एशियन एज में काम करते हुए वर्षों तक उनका शारीरिक तथा मानसिक शोषण किया।

गोगोई ने बताया कि जब उन्होंने एशियन एज में काम करना शुरू किया तब उनकी उम्र 22 साल थी। वह अकबर के व्यक्तित्व से प्रभावित थीं। उनकी भाषा, मुहावरों का इस्तेमाल करने के उनके तरीके से प्रभावित थीं और इसलिए उन्होंने सभी अपशब्द सहे। गोगोई 23 साल की उम्र में ओपेड पेज की संपादक बनी जो इतनी कम उम्र में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी।

पत्रकार ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन मुझे अपनी पसंदीदा नौकरी के लिए जल्द ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। यह 1994 की गर्मियों का वक्त रहा होगा और मैं उनके ऑफिस में गई। उनका दरवाजा अक्सर बंद रहता था। मैं उन्हें ओपेड पेज दिखाने गई जो मैंने बनाया था। उन्होंने मेरी कोशिश की सराहना की और अचानक मुझे चूमने के लिए झपट पड़े। मैं लड़खड़ा गई। मैं ऑफिस से बाहर निकल आई। मेरा चेहरा लाल था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, मैं शर्मिंदा और बहुत टूटी हुई महसूस कर रही थी।”

उन्होंने दावा किया कि इसके कुछ महीने बाद दूसरी घटना हुई जब उन्हें एक मैगजीन शुरू करने में मदद के लिए मुंबई बुलाया गया। गोगोई ने वाशिंगटन पोस्ट में लिखा, ‘‘उन्होंने लेआउट देखने के लिए एक बार फिर मुझे ताज होटल के अपने कमरे में बुलाया। जब वह दोबारा मुझे चूमने के लिए मेरे करीब आए तो मैंने उन्हें पीछे धकेल दिया। जैसे ही मैं भागी उन्होंने मेरे चेहरे को खरोंच दिया, मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे। उस शाम मैंने अपनी एक दोस्त को बताया कि मैं होटल में गिर गई थी जिससे मुझे खरोंचें आई।”

उन्होंने बताया कि जब वह दिल्ली वापस आईं तो अकबर ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने दोबारा रोका तो वह नौकरी से निकाल देंगे लेकिन उन्होंने अखबार नहीं छोड़ा। उन्होंने दावा किया कि एक खबर के सिलसिले में वह जयपुर गई। जब वह वापस आने लगीं तो अकबर ने कहा कि वह जयपुर में उनके होटल में अपनी खबर पर चर्चा करने के लिए आ सकती हैं।

गोगोई ने कहा, ‘‘उनके होटल के कमरे में मैंने विरोध किया लेकिन वह शारीरिक रूप से अधिक शक्तिशाली थे। उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए और मेरा बलात्कार किया।” उन्होंने कहा कि पुलिस में शिकायत करने के बजाय वह शर्म महसूस कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तब इसके बारे में किसी को नहीं बताया। क्या कोई मुझपर यकीन करता? मैंने अपने आप को जिम्मेदार ठहराया।”

गोगोई ने दावा किया कि इसके बाद उनपर अकबर की पकड़ मजबूत हो गई। कुछ महीने तक वह उनका शारीरिक और भावनात्मक शोषण करते रहे और उनसे अभद्र भाषा में बात करते रहे। जब वह उन्हें किसी पुरुष सहकर्मी से बात करते हुए देखते तो न्यूजरूम में उस पर चिल्ला पड़ते। यह सब भयानक था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज बता नहीं सकती कि कैसे और क्यों मेरे ऊपर उन्होंने ताकत आजमाई, क्यों मैंने सहा। इसलिए कि मुझे अपनी नौकरी खोने का डर था? मुझे बस इतना पता है कि उस समय मैं अपने आप से नफरत करती थी और मैं हर रोज थोड़ा-थोड़ा मर रही थी।” उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसे ही असाइनमेंट मिलते रहे जिनमें उन्हें दूर जाना पड़ता था।

गोगोई ने 1994 के चुनावों की कवरेज को याद किया। अकबर ने कहा कि उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें अमेरिका या ब्रिटेन भेजा जाएगा। महिला पत्रकार ने कहा, ‘‘मुझे लगा आखिरकार शोषण रुक जाएगा क्योंकि मैं दिल्ली ऑफिस से बहुत दूर होउंगी। बल्कि सच यह था कि वह मुझे दूर इसलिए भेज रहे थे ताकि मैं कोई विरोध ना कर सकूं और वह जब भी शहर में आएं तो मेरा यौन शोषण कर सकें।”

उन्होंने आरोप लगाया कि एक बार अकबर ने लंदन ऑफिस में उनके साथ काम किया। वहां जब उन्होंने एक पुरुष सहकर्मी से उसे बात करते हुए देखा तो उन्हें मारा और अपने डेस्क से उठाकर चीजें उनपर फेंकी। कैंची या जो भी उनके हाथ में आया वह उनपर देकर मारा। वह भाग गईं और हाइड पार्क में छिप गईं। अकबर ने उन्हें वापस मुंबई बुलाया जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और न्यूयॉर्क में डो जोन्स में नौकरी शुरू की।

उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं अमेरिकी नागरिक हूं। मैं एक पत्नी और मां हूं। मैंने टुकड़ों-टुकड़ों में अपनी जिंदगी समेटी। मेरी अपनी मेहतन, लगन और प्रतिभा मुझे बिजनेस वीक, यूएसए टूडे, एसोसिएटेड प्रेस और सीएनएन लेकर गई। आज, मैं नेशनल पब्लिक रेडियो में लीडर हूं। मैं जानती हूं कि मुझे नौकरी पाने और सफल होने के लिए शोषण नहीं सहना है।”

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