भाजपा अधिवेशन: महागठबंधन पर मोदी का तंज, जो कभी कांग्रेस के विरोध में थे आज एकजुट हो रहे

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसी सरकार है जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं है, देश विकास के मंत्र के आधार पर आगे बढ़ रहा है, साथ ही उन्होंने देश के विकास, सुरक्षा, गरीब कल्याण, किसान हित के लिये आने वाले चुनाव में देश में ‘मजबूत सरकार’ चुनने की वकालत की।

रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वे यह नहीं कहते कि सभी लक्ष्य पूरे कर लिये गए हैं, अभी भी बहुत कुछ करना है। लेकिन वह कहना चाहते हैं कि उन्होंने कमियों को दूर करने का ईमानदारी से प्रयास किया है। चुनौतियां चाहे जितनी भी बड़ी हो, प्रयास उतने ही ईमानदार होंगे। कोशिशों में कोई कमी नहीं होगी।

2019 में देश में मजबूत सरकार की वकालत करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिलें, वो (विपक्ष) मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आयुष्मान भारत जैसी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली योजनाएं चलाई जा सके, लेकिन वे ऐसी सरकार चाहते हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके, एंबुलेंस घोटाला किया जा सके।

कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसी मजबूत सरकार चाहते हैं जो देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सकें, किसानों को सशक्त बनाए, लेकिन वो ऐसी मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके, किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं।

राम मंदिर के संदर्भ में मोदी ने कहा कि अयोध्या विषय में कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती कि अयोध्या विषय का हल आए। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए।

विपक्षी दलों के महागठबंधन की पहल पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं। जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पर हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने सरेंडर कर रहे हैं। ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राजनीति विचारों पर की जाती है। गठबंधन विजन पर बनते हैं। लेकिन ये पहला अवसर है जब ये सब राजनीतिक दल सिर्फ एक व्यक्ति को हराने के लिए एकजुट हो रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हमसे पहले की सरकार का जो कार्यकाल था, उसने देश को घने अंधेरे में धकेल दिया था।

मोदी ने कहा, ‘‘अगर मैं कहूं कि भारत ने 2004 से 2014 के महत्वपूर्ण 10 साल, घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में गंवा दिए, तो गलत नहीं होगा। 21वीं सदी की शुरूआत में ये 10 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण थे।’’

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो देश की तस्वीर कुछ और ही होती, वैसे ही 2000 के चुनाव के बाद अगर अटल जी प्रधानमंत्री बने रहते तो आज भारत कहीं और होता।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में भाजपा के नेतृत्व में जिस तरह हमारी सरकारें चली है, उससे जनमानस में यह भाव स्थापित हुआ है कि देश को ऊंचाई पर अगर कोई दल ले जा सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा है।

मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है, सरकार बिना भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है और सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का मूलमंत्र है सबका साथ-सबका विकास और एक भारत-श्रेष्ठ भारत। जब वह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं तो उनमें क्षेत्रीय अस्मिताओं और आकांक्षाओं के लिए पूरा स्थान है।

मोदी ने कहा कि सामान्य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 फीसद आरक्षण नए भारत के आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने वाला है। ये सिर्फ आरक्षण नहीं है बल्कि एक नया आयाम देने की कोशिश है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज सुनी जा रही है। वह जानता है कि उसके देश की शान मजबूत हो रही है। वह जानता है कि देश की आर्थिक और सामरिक हैसियत मजबूत हो रही है।’’

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि पहले से जिनको आरक्षण की सुविधा मिल रही थी उनके हक को छेड़े बिना, छीने बिना भाजपा सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को 10 फीसद आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को इस व्यवस्था के पीछे के भाव और इसके लाभ को समाज के भीतर व्यापक चर्चा करनी चाहिए। कुछ लोग कोशिश कर रहे है कि इस बारे में भ्रम फैला कर असंतोष की आग लगाते रहे। हमें उनकी साजिशों को भी नाकाम करते चलना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम किसानों की समस्या के समाधान की बात करते हैं तो पहले की सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है। पहले जिनके पास किसानों की समस्याओं का हल निकालने का जिम्मा था, उन्होंने शॉर्टकट निकाले, उन्होंने किसानों को सिर्फ मतदाता बना रखा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अन्नदाता को ऊर्जादाता भी बनाना चाहते हैं। हमारी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को न सिर्फ लागू किया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को एमएसपी का डेढ़ गुना दाम मिले।’’

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