पाकिस्तान चुनाव: इमरान खान को सबसे ज्यादा सीटें, लेकिन सरकार पर पिक्चर बाकी

इस्लामाबादः पाकिस्तान चुनाव आयोग की ओर से आज जारी किए गए अंतिम नतीजों के मुताबिक इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) आम चुनावों में 115 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. बहरहाल, इमरान की पीटीआई को साधारण बहुमत के लिए जरूरी 137 सीटें नहीं मिल पाई. नेशनल असेंबली की कुल 270 सीटों पर चुनाव हुए थे. बीते 25 जुलाई को हुए मतदान के बाद वोटों की धीमी गिनती और चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच आयोग ने अंतिम नतीजों का ऐलान किया. चुनाव आयोग को वोटों की गिनती कराने में दो दिन से ज्यादा का वक्त लग गया.

हालांकि, स्थिति पहले ही स्पष्ट हो गई थी और इमरान खान का अगला प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा था लेकिन सवाल यह है कि बहुमत से दूर खान आखिरकार सरकार कैसे बना पाएंगे? चुनाव आयोग के मुताबिक, पीटीआई को संसद की 115 सीटों पर जीत मिली है लेकिन यह सीटें घटकर 109 तक सीमित रह जाएंगी। आइए आपको बताते हैं कि सरकार गठन का पेच आखिर कहां फंस रहा है?

‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने शनिवार को औपचारिक घोषणा कर बताया कि पीटीआई ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है और उन्हें जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए 22 और सांसदों के साथ की जरूरत है। इसके अलावा पीएमएल-एन ने 64 और पीपीपी ने 43 सीटें हासिल की हैं।

लेकिन असल पेच यह है
दरअसल, अब एक से ज्यादा सीटों से चुनाव लड़ने और जीतने वाले पीटीआई नेता सिर्फ एक ही सीट पर बने रह सकते हैं। पीटीआई चेयरमैन इमरान खान खुद 5 सीटों से चुनाव लड़े थे और वे इन सभी पर जीत भी गए हैं, जिसका मतलब हुआ कि उन्हें बाकी 4 सीटें खाली करनी पड़ेंगी। इसके अलावा पीटीआई नेता गुलाम सरवर खान ने भी पूर्व गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान को हराकर दो नैशनल असेंबली सीटों पर जीत हासिल की है। उन्हें भी एक सीट खाली करनी पड़ेगी। खैबर पख्तूनख्वाह के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज खट्टक ने संसद और विधानसभा दोनों ही सीटों से चुनाव जीता है। अगर पीटीआई परवेज खट्टक को दोबारा मुख्यमंत्री पद ही सौंपने का फैसला लेगी तो उन्हें नैशनल असेंबली की सीट छोड़नी पड़ेगी। इसका मतलब है कि पीटीआई को मिली सीटें घटकर 109 पर आ जाएगी।

छोटी पार्टियों पर निर्भर हैं इमरान
सब आकलन के बाद पीटीआई नेतृत्व ने अब छोटी पार्टियों और निर्दलीयों से संपर्क करने का फैसला किया है। पीटीआई ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वह सरकार बनाने के लिए पीपीपी और पीएमएल-एन के साथ हाथ नहीं मिलाएगी,

ऐसे सरकार बनाएंगे इमरान
सूत्रों के मुताबिक, पीटीआई के पूर्व सेक्रटरी जनरल जहांगीर तारीन ने निर्दलीयों और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) से संपर्क करना शुरू कर दिया है, जिसके पास 6 सीटें हैं। इसके अलावा 13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नैशनल असेंबली की सीटें जीती हैं। सूत्रों के मुताबिक, खुद इमरान खान ने ग्रांड डेमोक्रैटिक अलायंस के साथ गठबंधन के लिए मुमताज भुट्टो से संपर्क किया है। पीएमएल-कायद (PML-Q) ने 4 सीटों पर जीत हासिल की है लेकिन इसमें भी दो सीटें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज इलाही के नाम हैं, यानी पीटीआई को सिर्फ 3 PML-Q सदस्यों का ही सपॉर्ट मिलेगा। इसके अलावा पीटीआई को बलूचिस्तान आवामी पार्टी (BAP) का भी साथ मिलने की संभावना है, जिसे 4 सीटें मिली हैं।

अगर पीटीआई को GDA, MQM-P, PML-Q और आवामी मुस्लिम लीग का समर्थन मिल जाए तो उसके पास 122 सीटें होंगी लेकिन वह इसके बावजूद जादुई आंकड़े से 15 सीटें दूर रहेगी। यह संख्या नैशनल असेंबली सीटें जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या से ज्यादा है। नैशनल असेंबली सीटें जीतने वाली अन्य पार्टियों में 3 सीटों के साथ बलूचिस्तान नैशनल पार्टी-मेंगल (BNP-M),एक-एक सीट पर जीतने वाली जम्हूरी वतन पार्टी, आवामी नैशनल पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसानियत हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इमरान खान के लिए पाकिस्तान में सरकार बनाना बेहद मुश्किल है।

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