खुलासा: ब्रजेश ठाकुर सरकारी टेंडर पाने के लिए अफसरों को सप्लाई करता था लड़कियां

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर पर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब सामने आया है कि वह सरकारी ऐड हासिल करने के लिए सेक्स रैकेट का इस्तेमाल करता था. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ को बिहार की एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने स्कीम चलाने की पेशकश की थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रजेश ठाकुर ने इस टेंडर को हासिल करने के लिए भ्रष्ट अधिकारियों को लड़कियां सप्लाई की थी. वहीं मुजफ्फरपुर पुलिस ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी फंड और ऑर्डर पाने के लिए ठाकुर सेक्स रैकेट का इस्तेमाल करता था. इस रैकेट के तार नेपाल और बांग्लादेश तक जुड़े हुए थे.

पुलिस ने यह रिपोर्ट सीबीआई द्वारा केस को टेक ओवर करने से पहले पिछले हफ्ते तैयार की थी. रिपोर्ट के मुताबिक ठाकुर के पास कई एनजीओ है, जो उसके रिश्तेदार या फिर खास लोगों के नाम पर चल रहे हैं. ठाकुर ने अपनी पत्रकार छवि का भी कई तरह से फायदा उठाया था. इस छवि के कारण उसे समस्तीपुर में सहारा वृद्धाश्रम की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारियों के कहने पर मिली थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य कार्य नाबालिग और असहाय लड़कियों को देह व्यापार में धकेलना था. रिपोर्ट में कहा गया है कि ठाकुर का ये रैकेट मांस के कारोबार के जरिए नेपाल और बांग्लादेश के ग्राहकों से जुड़ा हुआ है.

रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में वॉन्टेड मधु कुमारी का भी जिक्र है. रिपोर्ट के मुताबिक मधु कुमारी ब्रजेश की मुख्य कर्मचारी थी. वह पहले मांस बेचने का काम करती थी. ठाकुर ने उसका इस्तेमाल मुजफ्फरपुर के चतुर्भुज स्थान पर स्थित रेड लाइट एरिया में पहुंचने के लिए किया और फिर उसे अपनी संस्था वामा शक्ति वाहिनी का मुख्य अधिकारी बनाया.

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