खदान से आने लगी है बदबू, मजदूरों की मौत की आशंका

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नई दिल्ली : मेघालय में 15 दिनों से कोयला खदान में फंसे 13 मजदूरों को सही सलामत होने की उम्मीद लगभग खत्म होती जा रही है। हलांकि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। खबरों की मानें तो मजदूरों को बचाने के लिए खदान में उतरे एनडीआरएफ और गोताखोरों का कहना है कि खदान में से अब बदबू आने लगी है।

खदान से बदबू आने का लोग कई मतलब निकाल रहे हैं। लोग तो यह भी कयास लगाते दिखे कि खदान में फंसे मजदूरों की मौत हो गई जिससे उनकी लाशों से बदबू आ रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन की अगुवाई कर रहे एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष सिंह का कहना रै कि खदान में से बदबू का आना अच्छा संकेत नहीं है। हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है।

सोमवार को रोका गया रेस्क्यू

लुमथरी गांव के कासन क्षेत्र में 370 फुट गहरे अवैध खदान में फंसे 13 मजदूरों को बाहर निकालने का काम सोमवार को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। ये खनिक 13 दिसंबर से फंसे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार कोल इंडिया को राज्य सरकार की शक्तिशाली पंप, पाइप और अन्य मदद प्राप्त हुई है और ऑपरेशन की दोबारा तैयारी में है।

सरकार ने की मुआवजे की घोषणा

बता दें कि बीते शनिवार को मेघालय सरकार ने खदान में फंसे 13 लोगों के परिवार वालों को एक-एक लाख रुपये की अंतरिम मदद देने की घोषणा की है। इसी बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने फंसे खनिकों को बाहर निकालने में असमर्थ रहने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की है।

राहुल ने भी पीएम मोदी पर साधा निशाना

राहुल ने ट्वीट किया, 15 मजदूर पानी से भरी खदान में जिंदगी के लिए दो हफ्ते से संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री बोगीबील पुल पर फोटो खिंचा रहे हैं। उनकी सरकार ने बचाव के लिए हाईप्रेशर पंप्स देने से इनकार कर दिया है। मैं पीएम से अपील करता हूं कि उन्हें बचाएं।

राहुल ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह भी कहा कि उपकरणों की कमी के चलते मजदूरों को बचाने का काम बाधित हो रहा है। खदान में अचानक से लाइतीन नदी के पानी घुसने के चलते मजदूर उसमें फंसे हुए हैं।

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